Hindi News

जमीन का सीमांकन करने के बदले किसान से ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को रंगे हाथ पकड़ा

Written by:Atul Saxena
Published:
जैसे ही किसान रामखिलाड़ी चौहान ने मालनपुर के पास,नहर की पुलिया के बाई तरफ पटवारी हिमांशु तोमर को रिश्वत के 6000/- रुपए पहली क़िस्त के रूप में दिए लोकायुक्त पुलिस ने उसे दबोच लिया।
जमीन का सीमांकन करने के बदले किसान से ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को रंगे हाथ पकड़ा

Lokayukta Police Action

ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने आज एक रिश्वतखोर पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, भ्रष्ट पटवारी एक किसान से उसकी जमीन का सीमांकन करने के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत ले रहा था, लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

ग्वालियर लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा ने जानकारी देते हुये बताया कि ग्राम तुकेडा तहसील गोहद जिला भिंड में रहने वाले किसान रामखिलाड़ी चौहान ने एक आवेदन उनके कार्यालय में दिया था जिसमें उन्होंने पटवारी पर 10,000/- रुपये रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

जमीन का सीमांकन करने के बदले मांगी रिश्वत 

शिकायतकर्ता किसान ने 15 मई को दिए आवेदन में बताया कि गाँव में उस्क्सी जमीन है जिसका सीमांकन करने का आवेदन उसने तहसील में दिया था वहां पदस्थ पटवारी हिमांशु तोमर सीमांकन करने के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है।

रिश्वत हाथ में आते ही दबोचा पटवारी 

शिकायत मिलने के बाद उसका सत्यापन कराया गया जिसमें रिश्वत लेने की बात सच निकली, पटवारी ने किसान को आज 20 मई को रिश्वत लेकर मालनपुर में नाहर की पुलिया के पास बुलाया, पुख्ता सबूत मिलने के बाद लोकायुक्त ने ट्रैप प्लान की और आज जैसे ही किसान रामखिलाड़ी चौहान ने मालनपुर के पास,नहर की पुलिया के बाई तरफ पटवारी हिमांशु तोमर को रिश्वत के 6000/- रुपए पहली क़िस्त के रूप में दिए लोकायुक्त पुलिस ने उसे दबोच लिया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews