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बंगाल में घुसपैठ पर शुभेंदु सरकार का बड़ा एक्शन, CAA लागू, BSF के हवाले की 43 एकड़ जमीन

Written by:Banshika Sharma
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पश्चिम बंगाल में घुसपैठ रोकने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 43 एकड़ जमीन बीएसएफ को सौंपी गई है।
बंगाल में घुसपैठ पर शुभेंदु सरकार का बड़ा एक्शन, CAA लागू, BSF के हवाले की 43 एकड़ जमीन

पश्चिम बंगाल में दशकों से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनी बांग्लादेशी घुसपैठ पर अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने निर्णायक प्रहार किया है। दरअसल राज्य सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लागू करते हुए घुसपैठियों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। यह कदम राज्य की सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और अवैध आव्रजन पर लगाम कसने की दिशा में एक बड़ा और साहसिक फैसला माना जा रहा है, जिसकी प्रतीक्षा लंबे समय से की जा रही थी।

वहीं इसी कड़ी में, कोलकाता में एक महत्वपूर्ण घोषणा के तहत, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भारत-बांग्लादेश सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बाड़ लगाने के लिए 43 एकड़ जमीन सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपने का ऐलान किया है। यह निर्णय घुसपैठ की विकराल समस्या से जूझ रहे पश्चिम बंगाल के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। यह विशेष रूप से 27 किलोमीटर के उस संवेदनशील सीमाई इलाके को कवर करेगा, जहां अभी तक बाड़बंदी नहीं हो पाई थी और जो घुसपैठियों के लिए एक आसान मार्ग बना हुआ था, जिससे वे बेरोकटोक भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते थे।

पिछली सरकार पर तीखा हमला बोला

मुख्यमंत्री अधिकारी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि 2,200 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा में से 1,600 किलोमीटर पर पहले ही बाड़ लगाई जा चुकी है। उन्होंने पिछली सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनकी उदासीनता और कथित लापरवाही के कारण लगभग 550 किलोमीटर का महत्वपूर्ण हिस्सा खुला रह गया था। इस खुले हिस्से का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी घुसपैठिए राज्य में प्रवेश करते रहे हैं, जिससे न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हुआ है, बल्कि राज्य की जनसांख्यिकी और सामाजिक ताने-बाने पर भी गहरा तथा प्रतिकूल असर पड़ा है।

घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा: CM शुभेंदु

शुभेंदु अधिकारी ने घुसपैठ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा करार देते हुए कहा कि उनकी सरकार इस चुनौती का दृढ़ता और संकल्प के साथ सामना करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पिछली सरकार पर घुसपैठियों को एक प्रकार से राजनीतिक और प्रशासनिक सुरक्षा प्रदान करने का गंभीर आरोप लगाया, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिला और राज्य में अराजकता की स्थिति बनी रही। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह स्थिति अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और उनकी सरकार राज्य के हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

राज्य पुलिस को भी सख्त आदेश जारी किए

इस कड़ी में, मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस को भी सख्त आदेश जारी किए हैं। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी घुसपैठिए को तुरंत गिरफ्तार करें और बिना किसी देरी के उन्हें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हवाले कर दें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बीएसएफ इन घुसपैठियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करे और उन्हें देश से बाहर निकालने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाए। यह कदम सीमा पर चौकसी बढ़ाने और राज्य के भीतर से भी घुसपैठियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में सहायक होगा, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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