पंजाब के कुराली में दिनदहाड़े घटित हुई एक वीभत्स घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है, जहां मात्र साढ़े चार साल की एक मासूम बच्ची को बेखौफ अपहरणकर्ताओं ने अगवा कर लिया। वहीं इस दिल दहला देने वाली वारदात ने न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि भारत के पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह को भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया देने पर विवश कर दिया है। यह घटना इतनी भयावह है कि इसका सीसीटीवी फुटेज देखकर किसी का भी कलेजा कांप उठे। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि बच्ची अपने दादा-दादी के साथ स्कूटर पर सवार थी, जब अचानक दो युवक मोटरसाइकिल पर आकर बच्ची को छीनने का प्रयास करने लगे। इस झड़प के बीच, एक कार घटनास्थल पर आकर रुकी, जिसमें से तीन और अपहरणकर्ता बाहर निकले। कुल पांच अपहरणकर्ताओं ने मिलकर इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया।
दरअसल अपहरणकर्ताओं ने बच्ची को जबरन कार में बिठाया और मौके से फरार हो गए। इस दौरान, उन्होंने अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए बच्ची के दादा-दादी को अपनी कार से कुचलने का भी प्रयास किया, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ते अपराध और अपराधियों के बेखौफ इरादों को उजागर किया है, जो दिनदहाड़े ऐसी वारदातों को अंजाम देने से भी नहीं हिचक रहे हैं।
हरभजन सिंह ने गहरी चिंता व्यक्त की
वहीं इस वीभत्स घटना पर भारत के पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पंजाब पुलिस को टैग करते हुए सख्त लहजे में सवाल उठाया कि आखिर पंजाब में यह सब क्या हो रहा है? हरभजन सिंह ने पुलिस से तत्काल एक्शन लेने और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने की पुरजोर मांग की है। उनकी यह प्रतिक्रिया इस घटना की गंभीरता और जनमानस पर पड़े इसके गहरे प्रभाव को दर्शाती है, साथ ही यह भी बताती है कि किस प्रकार एक मासूम के अपहरण ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
बच्ची के पिता ने दी जानकारी
मासूम बच्ची के पिता ने इस पूरे मामले पर अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि बच्चों की कस्टडी (अभिरक्षा) को लेकर कोर्ट में उनका केस चल रहा है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि इस अपहरण के पीछे उनकी पत्नी का हाथ हो सकता है, जिन्होंने कानून का उल्लंघन करते हुए अपहरणकर्ताओं की मदद से इस घटना को अंजाम दिया। पिता ने स्पष्ट किया कि उन्हें सीधे तौर पर यह नहीं मालूम कि अपहरण किसने किया, लेकिन उनकी पत्नी पर उनका शक गहराता जा रहा है, क्योंकि कस्टडी विवाद के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
इन लोगों पर जताया संदेह
पिता ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए बताया कि उन्हें संदेह है कि उनकी सास और संदीप नामक एक व्यक्ति भी इस किडनैपिंग की वारदात में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और उनकी बच्ची को सुरक्षित वापस लाया जा सके। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और वे अपनी बच्ची की वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, साथ ही न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
यह घटना पंजाब की कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है, जहां दिनदहाड़े इतनी कम उम्र की बच्ची को इस तरह से अगवा कर लिया गया और उसके बुजुर्ग दादा-दादी पर भी जानलेवा हमला किया गया। पुलिस को इस मामले में त्वरित और कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और अपराधियों को कड़ा संदेश मिल सके। पूरे समाज की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि कब इस मासूम को उसके परिवार से मिलाया जाएगा और दोषियों को उनके किए की सजा मिलेगी।






