वायरलेस पर मन की बात करने वाले भिंड SP हटाए गए,रेत माफिया से कनेक्शन के आरोप

वायरलेस पर मन की बात करने वाले भिंड SP हटाए गए,रेत माफिया से कनेक्शन के आरोप

भिंड/गणेश भारद्वाज

आखिरकार भिंड (bhind) के विवादास्पद एसपी (SP) नागेंद्र सिंह (nagendra singh) को हटा दिया गया है। उन्हें भिंड से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल (bhopal) भेज दिया गया है। दरअसल लंबे समय से भिंड के एसपी पर अवैध रेत उत्खनन ना रोक पाने के गंभीर आरोप तो लग ही रहे थे, साथ ही साथ चार दिन पहले डीआईजी (DIG) राजेश हिंगणकर (rajesh hingankar) ने छापामार कार्रवाई कर भिंड में रेत उत्खनन के आरोप में ऐसे दो पुलिसकर्मियों को पकड़ा था जो मूलतः श्योपुर (sheopur) जिले में पोस्टेड थे, लेकिन एसपी नागेंद्र सिंह के श्योपुर से ट्रांसफर के बाद उन्हीं के संग आ गए थे और उन पर थाना प्रभारियों से वसूली के आरोप लग रहे थे। इसके बाद दो दिन पहले डीआईजी ने छापा मारकर बड़ी मात्रा में अवैध रेत का भंडार जब्त किया था। इस आरोप में दो थाना प्रभारियों को निलंबित (suspend) कर दिया गया था। इसके पहले भी डीआईजी तीन थाना प्रभारियों को निलंबित कर चुके थे।

पुलिस मुख्यालय ने इस मामले में शुक्रवार को ही सारे थाना प्रभारियों को पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया था। इसके बावजूद भिंड एसपी ने बीती रात वायरलेस सेट के माध्यम से अपने मन की बात कही और यह बताया कि भिंड की पुलिसिंग तो खत्म हो चुकी है। साथ ही साथ उन्होंने अपने सभी मातहत अधिकारियों को कहा कि वे अपने अपने आला अधिकारियों को फोन लगाकर भिंड की स्थिति के बारे में बताएं। भिंड के एसपी की इस कार्यप्रणाली से खुद गृहमंत्री (home minister) बेहद नाराज थे और इसीलिए शनिवार शाम उनका तबादला पुलिस मुख्यालय कर दिया गया।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews