MP Breaking News

MP Weather: 2 वेदर सिस्टम एक्टिव, आज रीवा-सतना समेत 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें भोपाल-इंदौर में कैसा रहेगा मौसम

मानसून के साथ दो मजबूत मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से मध्यप्रदेश में 10 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की प्रबल संभावना है। सोमवार को रीवा और सागर संभाग के 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
mp Weather

अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों और मानसून की सक्रियता के चलते मध्यप्रदेश में अगले तीन-चार दिन बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। सोमवार, 7 सितंबर को रीवा और सागर संभाग में मौसम बदला रहेगा, यहां के 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं इंदौर-उज्जैन संभाग में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल ने आज निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, धार, उज्जैन, ग्वालियर, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, सागर, दमोह में हल्की से मध्यम बारिश, झंझावात और वज्रपात और झोंकेदार हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चलने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना भी है।

मौसम विभाग ने 8 से 10 सितंबर तक रीवा, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, मउगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, बालाघाट और मंडला जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश और गरज-चमक के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। वर्तमान में मानसून ट्रफ उत्तर-पश्चिम मप्र के निम्न दबाव क्षेत्र से होकर गुजर रहा है। दक्षिण हरियाणा से दक्षिण असम व दक्षिण गुजरात से उत्तर बांग्लादेश तक बने ट्रफ भी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं।

मध्य प्रदेश में कोटे से 5 % कम पानी गिरा, पूर्वी हिस्से में अच्छी बारिश

  • मध्य प्रदेश में 1 जून से 6 सितंबर 2026 तक सामान्य से 30.9 इंच बारिश हो चुकी है लेकिन कोटे से अब भी 1.8 इंच यानि 6% बारिश कम हुई है।
  • जून से अबतक पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 2% अधिक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 12% कम पानी गिरा है।
  • जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल संभाग के कई जिलों की स्थिति अभी भी कमजोर बनी हुई है। मऊगंज में सबसे ज्यादा 53 इंच और आलीराजपुर में सबसे कम 13.6 इंच पानी गिरा है।
  • अबतक सिर्फ अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई। इनमें भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल में 100% से ज्यादा पानी गिर चुका है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश

शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में होमगार्ड मुख्यालय स्थित राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचकर बाढ़ और अतिवृष्टि से बने हालात की समीक्षा की थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि शासन, प्रशासन, तहसील का हर अधिकारी और कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करें। किसी भी नागरिक को संकट में अकेला न छोड़ें। सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, होमगार्ड, फील्ड अधिकारी, राहत एवं बचाव कार्य में जुटी एजेंसीज प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने तक सजग रहें। बाढ़ प्रभावितों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचाएं और सभी प्रभावितों को तत्काल खाना, कपड़ा और जरूरत का सूखा सामान उपलब्ध कराएं। साथ ही इन्हें शासन की ओर से नियमानुसार राहत राशि भी दिलाए।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
Follow Us :GoogleNews