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मुरैना में बारिश बनी आफत, उफनती नदियों के बीच 50 लोगों का रेस्क्यू, 50 से ज्यादा गांव अलर्ट

मुरैना में तेज बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। कई इलाकों में जलभराव से हालात बिगड़े हैं। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें सक्रिय हैं। 50 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि 50 से ज्यादा गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।
मुरैना में बारिश बनी आफत, उफनती नदियों के बीच 50 लोगों का रेस्क्यू, 50 से ज्यादा गांव अलर्ट

मुरैना में रविवार की तेज बारिश के बाद कई इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। क्वारी नदी का पानी नेहरावली गांव के घरों तक पहुंच गया, जबकि काबिल गांव में करीब 50 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने 50 से ज्यादा गांवों में अलर्ट जारी किया है और लोगों से नदी, नाले व डेम के पास नहीं जाने की अपील की है।

मुरैना में बारिश से बढ़ी परेशानी

मुरैना जिले के कैलारस, सबलगढ़, पहाड़गढ़ और जौरा इलाके में तेज बारिश के बाद सोन नदी, क्वारी नदी, पगारा डेम और कई नालों का पानी बढ़ गया। निचले इलाकों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नेहरावली गांव में क्वारी नदी का पानी घरों तक पहुंचने के बाद लोग जरूरी सामान लेकर छतों पर चले गए। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम ने मौके की स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया।

काबिल गांव में 50 लोगों को सुरक्षित निकाला

देवगढ़ क्षेत्र के काबिल गांव में भी जलस्तर बढ़ने से हालात बिगड़ने लगे। यहां करीब 50 महिला, पुरुष और बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। प्रशासन ने जिले के 50 से ज्यादा गांवों में अलर्ट जारी किया है। लोगों को सावधान रहने और पानी बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया है। प्रशासन की टीमें अतिवृष्टि वाले इलाकों का निरीक्षण भी कर रही हैं।

कैलारस में सबसे ज्यादा 50 मिमी बारिश

6 सितंबर को मुरैना जिले में औसतन 27.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। कैलारस में सबसे ज्यादा 50 मिमी, मुरैना में 42 मिमी, सबलगढ़ में 35 मिमी, पोरसा में 26 मिमी, जौरा में 8 मिमी और अम्बाह में 6.2 मिमी बारिश हुई। 1 जून से 6 सितंबर तक जिले में कुल 531.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जिले की सामान्य औसत बारिश 706.9 मिमी है, यानी अब तक सामान्य बारिश का करीब 75 प्रतिशत पानी बरसा है। पिछले साल इसी समय तक 913.4 मिमी बारिश हुई थी।

कलेक्टर बोले- घबराने की जरूरत नहीं

कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और जहां भी जरूरत पड़ रही है, वहां राहत और बचाव की टीम पहुंच रही है। उन्होंने लोगों से नदी, नाले और डेम के आसपास जाने से बचने की अपील की है। बारिश से हुए नुकसान का सर्वे भी जल्द शुरू कराया जाएगा। प्रशासन की नजर अब उन इलाकों पर है, जहां जलस्तर बढ़ने से हालात और खराब हो सकते हैं।

Nitendra Sharma
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