‘चंबल प्रोग्रेस वे’ को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान

‘चंबल प्रोग्रेस वे’ को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान

भोपाल| केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने बुधवार को मध्य प्रदेश जनसंवाद रैली (Jansamvad Rally) को संबोधित करते हुए चंबल प्रोग्रेस वे को लेकर बड़ा एलान किया| उन्होंने कहा शिवराज जी मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने चंबल क्षेत्र में हाईवे बनाने की बात कही, मप्र सरकार के प्रयास के बाद शीघ्र ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी (PM Narendra modi) से हम उसका भूमिपूजन करायेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस रोड के आसपास हम उद्योग भी खोलेंगे। ये मेरा वादा है। चबंल में विकास की नई राह बनाई जाएंगी। हाई -वे के आस पास उद्योग धंधे शुरु किये जाएंगे। कहा कि 1947 के बाद कांग्रेस सरकार ने जो आर्थिक नीतियां अपनाई थीं, उसके आधार पर देश की प्रगति नहीं हो सकी। वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हेउ कहा कांग्रेस की विचारधारा पूरी तरह से विफल हो गई और आज समाजवादी और साम्यवादी भी कहीं दिखते नहीं हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 1947 से पहले हमारा देश अंग्रेजों का गुलाम था और इसके लिए कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जान दी। गडकरी कहा कि आजादी के बाद नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक कई नारे दिए गए। लेकिन पहली बार एनडीए के शासनकाल में विकास को अटल बिहारी वाजपेयी ने एक नई विकास की दिशा दी। गडकरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पिछले 55 वर्षों के दौरान जो नहीं कर पाई उसे हमने 5 वर्षों के दौरान किया। समाज के आखिरी पायदान पर जो व्यक्ति खड़ा है जिसके पास रोटी, कपड़ा, मकान जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, उस गरीब को भगवान के रूप में हम मानेंगे और अपने जीवन को समर्पित करके उसकी लगातार सेवा करते रहेंगे।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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