कोरोना कर्फ्यू के बावजूद मप्र में 12897 नए केस, 79 की मौत, सीएम ने लिया बड़ा फैसला

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। शनिवार-रविवार टोटल लॉकडाउन (Lockdown 2021) और कोरोना कर्फ्यू के बावजूद मप्र (MP) में कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर तांडव मचा रही है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के बाद अन्य जिलों में भी हालात गंभीर होते जा रहे है। पिछले 24 घंटे में 12897 नए केस सामने आए है और 79 की मौत हो गई।इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने पूरे प्रदेश में 30 अप्रैल तक कोरोना कर्फ्यू (Corona Curfew) की बात कही हैं।

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स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, मप्र में पिछले 24 घंटे मेें 12897 नए कोरोना पॉजिटिव सामने आए है और 79 ने दम तोड़ दिया।इसमें इंदौर में 1698, भोपाल में 1703, ग्वालियर में 1157, जबलपुर 877, रीवा 349, उज्जैन 311, खरगोन 232, नरसिंहपुर 205, बैतूल 235, शहडोल 235, कटनी 243, राजगढ़ 276, टीकमगढ़ 253 समेत एक दर्जन से ज्यादा जिलों में 200 से ज्यादा केस सामने आए है।वही सागर, रतलाम, धार, विदिशा, बड़वानी, होशंगाबाद, सतना,  शिवपुरी, बालाघाट, शाजापुर समेत दो दर्जन से ज्यादा जिलों में 150 से पार केस मिले है।

इन आंकडों की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा फैसला किया है, जिसके तहत मप्र के सभी पात्र निर्धन उपभोक्ताओं को उचित मूल्य की दुकानों से एक साथ तीन माह का राशन निःशुल्क मिलेगा।औषधियों की कालाबाजारी करने वाले को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) में कारावास भेजें। इस समय सबसे बड़ी आवश्यकता लोगों का जीवन बचाना है। जीवनरक्षक इंजेक्शन को अधिक कीमत पर बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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वही देशभर में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में भारतीय सेना भी हमकदम बनेगी।मप्र सरकार ने फैसला किया है कि कोरोना संक्रमित रोगियों को सेना के अस्पतालों और आइसोलेशन केंद्रों में स्थान दिया जाएगा। भोपाल में लगभग 150, जबलपुर में 100, सागर में 40 और ग्वालियर में 40 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था के लिए प्रयास आज से प्रारंभ किए जा रहे हैं।सेना के अधिकारियों ने रोगियों की समुचित देखभाल के लिए पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने कराएं जाएंगे।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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