AI Impact Summit: सीएम डॉ मोहन यादव होंगे शामिल, वैश्विक तकनीकी कंपनियों से करेंगे वन-टू-वन चर्चा

समिट में मध्यप्रदेश पेवेलियन हॉल 4, प्रथम तल,बूथ संख्या 4F-32 और 4F-34 में "एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर ऐन एम्पावर्ड भारत” थीम पर लगाया गया है। इसमें 14 एआई स्टार्ट-अप, आईआईटी इंदौर और आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन जैसे शैक्षणिक संस्थान और 4 प्रमुख शासकीय विभाग शामिल हैं।
CM Dr Mohan Yadav

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एआई इम्पैक्ट समिट 2026 (AI Impact Summit 2026) का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी से 21 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है। समिट में दुनियाभर की नामचीन तकनीकी कंपनियां आई हैं , समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं जो ए आई तकनीक के उपयोग और भविष्य को लेकर मंथन कर रहे हैं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ऐसे ही प्रतिनिधियों से मुलाकर करने समिट में जायेंगे

मध्य प्रदेश शासन से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शुक्रवार 20 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट-2026 में शामिल होंगे। समिट में वे उच्च-स्तरीय पैनल से चर्चा करेंगे। इसमें राज्य स्तर पर एआई के उपयोग से आर्थिक विकास को गति देने, डिजिटल सुशासन को सशक्त बनाने और मजबूत इंफ़्रास्ट्रक्चर विकसित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

इन कम्पनियों से वन-टू-वन होगी चर्चा 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआई कंप्यूटिंग, सायबर सुरक्षा संरचना, क्लाउड इको सिस्टम, जनरेटिव एआई एकीकरण और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी प्रमुख वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ वन टू वन बैठक भी करेंगे। बैठक में एडवांस्ड सेमीकंडक्टर ऐक्सीलरेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर और सॉवरेन एआई मॉडलिंग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टियर-2 शहरों से उभर रहे स्टार्ट-अप और नव प्रवर्तकों से भी मुलाकात कर उनके एआई आधारित कार्यों की जानकारी लेंगे।

एमपी का पेवेलियन कर रहा है प्रभावित   

समिट में मध्यप्रदेश पेवेलियन हॉल 4, प्रथम तल,बूथ संख्या 4F-32 और 4F-34 में “एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर ऐन एम्पावर्ड भारत” थीम पर लगाया गया है। इसमें 14 एआई स्टार्ट-अप, आईआईटी इंदौर और आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन जैसे शैक्षणिक संस्थान और 4 प्रमुख शासकीय विभाग शामिल हैं। मध्यप्रदेश पेवेलियन में धरातल पर लागू किए जा चुके एआई समाधान प्रदर्शित किए जा रहे हैं। यह पेवेलियन दर्शाता है कि पारदर्शिता बढ़ाने, सेवाएं समय पर पहुंचाने और बेहतर निर्णय लेने के लिए एआई का उपयोग शासन व्यवस्था में कैसे किया जा रहा है। मध्यप्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, एमपीएसईडीसी के सहयोग से, इस राष्ट्रीय मंच पर राज्य की योजनाबद्ध और लक्ष्य-आधारित एआई पहलों को प्रस्तुत कर रहा है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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