जेपी हॉस्पिटल में डॉ. अग्रवाल पर लगे पक्षपात के आरोप, पोस्टर चिपकाए

जेपी हॉस्पिटल में डॉ. अग्रवाल पर लगे पक्षपात के आरोप, पोस्टर चिपकाए

भोपाल| कोरोना संकटकाल में जहां डॉक्टर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं| वहीं सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के बीच विवाद भी सामने आ रहे हैं| राजधानी के जेपी हॉस्पिटल में डॉ केके अग्रवाल पर पक्षपात के आरोप लगे हैं| इस सम्बन्ध के पर्चे अस्पताल में चिपकाये गए हैं|

दरअसल, जे पी हॉस्पिटल में डॉ केके अग्रवाल पर रोस्टर में मनमानी किए जाने के आरोप लगे हैं| आरोपो को लेकर अन्य डॉक्टर्स ने पोस्टर चिपका कर कलेक्टर से गुहार लगाईं है| इन पोस्टर में कहा गया है कि डॉ केके अग्रवाल रोस्टर बनाने में मिलीभगत व पक्षपात रवैया अपना रहे हैं| स्वयं के एवं अपने विभाग के डॉक्टर्स कि CASUALTY (NIGHT) एवं अन्य जगह कोई ड्यूटी लगाई नहीं जाती| जबकि नेत्र विभाग पूरी तरह से बंद है|

डॉ केके देवपुजारी भी स्वयं की अपनी केवल दो ही नाइट ड्यूटी लगाते हैं और बाद में, दूसरों को फंसा देते हैं| अस्पताल में पुरुष चिकित्सक के स्थान पर महिला चिक्तिसकों की संख्या ज्यादा है, जब पुरुष एवं महिलाओं को सामान अधिकार सौंपे गए हैं तो क्यों महिला चिक्तिसकों की नाइट ड्यूटी नहीं लगाईं जाती| पोस्टर में लिखा प्रमुख सचिव, सवास्थ्य द्वारा क्लास-1 से भी कसुअलटी में नाईट ड्यूटी करवाया जाना आदेशित है|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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