अरुण यादव की सिंधिया को नागपंचमी पर बधाई, राहुल का समर्थन, यूजर्स ने किया ट्रोल

अरुण यादव की सिंधिया को नागपंचमी पर बधाई, राहुल का समर्थन, यूजर्स ने किया ट्रोल

भोपाल।
एक तरफ जहां देशभर में आज नागपंचमी का त्यौहार मनाया जा रहा है, वही दूसरी तरफ एमपी की गर्म सियासत में भी नागपंचमी का असर देखने को मिल रहा है। कमलनाथ सरकार का किला ढ़हाकर बीजेपी में शामिल होने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस ने नागराज की उपाधि दी है ।पूर्व मंत्री केन्द्रीय और कांग्रेस नेता अरुण यादव (Arun Yadav) ने राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को नागपंचमी की बधाई दी है।इसका कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी समर्थन किया है।हालांकि यह पहला मौका नही है पहले भी यादव और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ट्वीटर के माध्यम से सिंधिया को कई बार अपने निशाने पर ले चुके है। इन ट्वीट वार को देखकर यही कहा जा सकता है कि कांग्रेस अबतक महाराज के सदम से बाहर नही निकल पाई है।

यादव ने ट्वीटर के माध्यम से सिंधिया को बधाई दी है।यादव ने सिंधिया का फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि नागपंचमी की बधाई। साथ ही नाग का इमोजी शेयर किया है।खास बात ये है कि राहुल गांधी ने भी इस ट्वीट का समर्थन किया है और रिट्वीट करते हुए लिखा है कि सांप को जितना भी दूध पिलाओ,किसी एक दिन फन मारेगा ही।हालांकि इस ट्वीट का सिंधिया की तरफ से कोई जवाब नही आया है लेकिन सिंधिया फेंस क्लब दतिया की तरफ से ट्वीट कर लिखा गया है कि महिलाओं पर विशेष कृपा रखने वाले इस पाखंडी नेता के प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल में सबसे ज्यादा टिकट बेचे गए थे।

इस पोस्ट पर अब लगातार सिंधिया के समर्थक और विरोधियों के कमेंट आ रहे हैं, कई लोगों ने उन्हें आस्तीन का सांप करते हुए कहा कि यह कांग्रेस पार्टी के लिए आस्तीन का सांप साबित हुए जिन्होंने अपनी ही पार्टी को इतना बड़ा धोखा दिया। तो वहीं कई लोगों ने कमेंट कर उन्हें अपना भगवान महाराज तक कहा है।

विरोधी यूजर्स के कुछ ऐसे रहे कमेंट
-शंकर भारती नान के यूजर ने लिखा है कि नींद में पोस्ट करते हो क्या…. यह नाग नहीं यहाँ अजगर अजगर…. जो पूरी मध्य प्रदेश कांग्रेस को निगल गया….. अपनी आंख खोल कर देखो जरा।
-चंबल का बागी ने लिखा है सिंधिया जी दर्द ही ऐसा दिए हैं कि तुम भूल नही पा रहे हो ।ये तो शेर है और तुम्हारे घर निमाड़ से 2 विधायक निकाल लाया तुम बैठे ही रह गए।

-जयदीप रघुवंशी जेडी ने लिखा है कि असली आस्तीन के सांप तो तुम हो, 2008 के पहले भैंस चराते थे लेकिन श्रीमंत सिंधिया ने ना सिर्फ लोकसभा का टिकट दिलाया बल्कि सांसद भी बनवाया। प्रदेश अध्यक्ष रहते सबसे ज्यादा टिकट तुम्हारे कार्यकाल में बिकी है, और रही बात चरित्र की अगर उस पर आ गए तो नंगे हो जाओगे अरुण यादव।अभी ग्वालियर पर ध्यान था कब निवाड पर ध्यान दे लिए सिंधिया जी ने अभी एक विकेट गिरा है आगे आगे देखिये होता है क्या राजनीति मे तुम कांग्रेसियों का भविष्य खत्म है
-जाबेद खान ने लिखा है मेने सुना आप भी बिक रहे है क्या यह सच हे।
-राजेन्द्र जैन जयहिन्द ने लिखा है इतनी मर्यादा बनी रहे कि भविष्य मे मिले तो नजर मिलाने या बातचीत करने की गुंजाइश रहे । आपके वर्षों तक साथी रहे है क्या पता फिर एक पार्टी मे दोनों साथ हो ।

समर्थकों ने भी दिए कुछ इस तरह जवाब
-एक यूजर ने लिखा है कि माँ जैसी पार्टी को डसने वालों को नाग पंचमी की शुभकामनाएं।
-कासिब ने लिखा है कि बहुत बढ़िया अंदाज़ में शुभकामनाएं प्रेषित की आपने। आपको भी नागपंचमी की शुभकामनाएं।
-अमित मानपूरे ने लिखा है कि दूध पिलानेवाले हाथों को डंसनेवाले @JM_Scindia को, नाग पंचमी की शुभ कामनायें l
-हेमंत ने लिखा है वो जहां रहेगा वहा ङसने का काम करेगा।असली नाग जो अपनो के साथ पला बङा प्रेम सम्मान मिला ओर अपनो को ङसने चला।
हरीश ने लिखा है भाई साहब अब तो यह भैंस भी नही चरा सकते क्योंकि कडकनाथ और बंटाधार जी ने इन्हे उस लायक भी नही छोडा, घर पर फालतू बैठे है वहा कांग्रेस विधायको के विकेट गिरते जा रहे हैं.!
-सचिन यादव एनएसयूआई ने लिखा है अरुण यादव बिकने वालो में से नही है कांग्रेस का खून अरुण यादव के रगों में दौड़ रहा है मरते दम तक अरुण यादव सचिन यादव कांग्रेस में रहेंगे।

–

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews