मध्य प्रदेश में सोयाबीन की खरीदी जारी है इसलिए सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए ये जरूरी खबर है। भावांतर योजना के तहत सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। आज एक बार फिर सरकार ने मॉडल रेट को बढ़ा कर 4285 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, सोयाबीन के लिए भावांतर योजना लागू करने के बाद सरकार ने 7 नवंबर को पहला मॉडल रेट जारी किया था उसके बाद से लगातार नया मॉडल रेट जारी किया जा रहा है और इसमें वृद्धि हो रही है।
भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 22 नवंबर को सरकार ने सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़ाया है , वृद्धि के बाद अब 4285 रुपये प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है।
7 नवंबर को जारी हुआ पहला मॉडल रेट
उल्लेखनीय है कि सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपये प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपये, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपये, 11 नवंबर को 4056 रुपये, 12 नवंबर को 4077 रुपये, 13 नवंबर को 4130 रुपये, 14 नवंबर को 4184 रुपये, 15 नवंबर को 4225 रुपये, 16 नवंबर को 4234 रुपये, 17 नवंबर को 4236 रुपये, 18 नवंबर को 4255 रुपये, 19 नवंबर को 4263 रुपये, 20 नवंबर को 4267 रुपये 21 नवंबर को 4271 रुपये प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।
बारिश में ख़राब हुई सोयाबीन की फसल
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में पिछले दिनों हुई अतिवर्षा ने सोयाबीन की फसल को ख़राब कर दिया था जिसे किसान चिंतित हो गए थे, उनकी मेहनत पर पानी फिर गया था लेकिन उपज के पूरे दाम किसानों को मिलें इसलिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोयाबीन में भावांतर योजना लागू करने की घोषणा की है और अब मॉडल रेट में लगातार वृद्धि की जा रही है।
किसानों के खातों में 233 करोड़ रुपये ट्रांसफर
सीएम डॉ मोहन यादव ने 13 नवंबर गुरुवार को भावांतर योजना के तहत प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक 1.33 लाख किसानों के खातों में 233 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। मध्य प्रदेश किसानों को उपज का उचित लाभ दिलवाने के लिए भावांतर योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। पिछले साल सोयाबीन का भाव 4800 रुपये था, इस बार किसानों को 500 रुपए प्रति क्विंटल का लाभ देकर सरकार 5300 रुपये से अधिक कीमत पर यानि 5328 रुपये में सोयाबीन खरीद रही है।
9.36 लाख से अधिक किसानों ने कराया है पंजीयन
- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश हैं कि किसानों को भावांतर योजना की प्रक्रिया में कोई असुविधा न हो।
- भावांतर योजना लागू होने के बाद से उपार्जन केंद्रों पर सोयाबीन की आवक बढ़ गई है, और तेजी से खरीदी जारी है।
- भावांतर योजना के लिए 3 से 17 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन किये गए जिसमें में 9 लाख 36 हजार 352 किसानों ने पंजीयन कराया है।
- प्रदेश में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन की विक्रय अवधि रहेगी।
- सोयाबीन के लिए MSP प्रति क्विंटल 5328 रुपए घोषित की गई है।
- अगर एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावान्तर योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
- फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अन्तर की राशि सीधे राज्य सरकार देगी।






