भोपाल के अन्ना नगर इलाके में शनिवार देर रात अचानक उठीं आग की लपटों ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। रात करीब 12 बजे कचरा ट्रांसफर स्टेशन में लगी आग देखते ही देखते इतनी भयानक हो गई कि दूर-दूर तक आसमान में धुआं और आग साफ दिखाई देने लगा।
भोपाल में भीषण आग की इस घटना ने आसपास रहने वाले लोगों की नींद छीन ली। लोग घरों से बाहर निकल आए, कोई वीडियो बना रहा था तो कोई बस हालात को समझने की कोशिश कर रहा था। हर तरफ सिर्फ एक ही चर्चा थी इतनी बड़ी आग आखिर लगी कैसे?
10 घंटे की मशक्कत के बाद मिला काबू
भोपाल में भीषण आग की सूचना मिलते ही फायर कंट्रोल रूम अलर्ट हो गया। शहर के अलग-अलग हिस्सों से दमकल वाहन मौके पर भेजे गए। गोविंदपुरा, फतेहगढ़, संत हिरदाराम नगर, कोलार और गांधीनगर सहित कुल 11 फायर स्टेशनों से गाड़ियां पहुंचीं।
करीब 50 से ज्यादा दमकल और पानी के टैंकर लगातार आग बुझाने में लगे रहे, लेकिन आग इतनी तेज थी कि उस पर काबू पाने में करीब 10 घंटे लग गए। सुबह होते-होते कहीं जाकर हालात कंट्रोल में आए। भोपाल में भीषण आग के इस ऑपरेशन के दौरान फायर टीम ने लगातार पानी डालकर और कचरे को अलग-अलग करके आग फैलने से रोका।
आग की वजह बनी बड़ी चुनौती
भोपाल में भीषण आग को बुझाना इसलिए भी मुश्किल था, क्योंकि कचरा ट्रांसफर स्टेशन में भारी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी। जानकारी के अनुसार, यहां करीब 150 टन रिसाइक्लिंग के कपड़ों का ढेर था, साथ ही 25 टन कचरा भी जमा था। आग सबसे पहले उसी रिसाइक्लिंग यूनिट में लगी, जो करीब एक महीने से बंद पड़ी थी। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आग किस वजह से लगी, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में कचरा और कपड़े होने के कारण आग तेजी से फैल गई।
जनहानि नहीं, लेकिन डर का माहौल
भोपाल में भीषण आग के बीच राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। लेकिन आग की भयावहता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के लोग पूरी रात सो नहीं पाए। धुएं की वजह से सांस लेने में दिक्कत और लपटों का डर लोगों के मन में साफ नजर आया। नगर निगम, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम सुबह तक मौके पर तैनात रही, ताकि कोई भी नई समस्या सामने न आए।






