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मोबाइल गेम की लत ने ली छात्र की जान, ब्लू व्हेल टास्क के दबाव में उठाया खौफनाक कदम

Written by:Bhawna Choubey
Published:
भोपाल में मोबाइल गेम की लत से जुड़ी एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। ब्लू व्हेल गेम और खतरनाक ऑनलाइन टास्क बच्चों को मानसिक दबाव में कैसे धकेल रहे हैं।
मोबाइल गेम की लत ने ली छात्र की जान, ब्लू व्हेल टास्क के दबाव में उठाया खौफनाक कदम

भोपाल से आई यह खबर हर माता-पिता के लिए चेतावनी है। राजधानी के पिपलानी इलाके में रहने वाला 14 साल का छात्र अंश साहू जो आठवीं कक्षा में पढ़ता था अब इस दुनिया में नहीं रहा। परिवार का इकलौता बेटा मोबाइल गेम की लत के कारण जिंदगी की जंग हार गया। घटना उस समय हुई जब माता-पिता एक रिश्तेदार की तेरहवीं में गए हुए थे और बच्चा घर में अकेला था।

जब परिवार घर लौटा तो जो दृश्य सामने था, उसने सबको हिला दिया। अंश कमरे में फंदे से लटका मिला। घर का इकलौता चिराग बुझ चुका था। परिवार, पड़ोसी और पूरा इलाका इस घटना से सदमे में है।

मोबाइल गेम की लत कैसे बन गई जानलेवा?

जांच के दौरान पुलिस को कमरे से अंश का मोबाइल फोन मिला लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। परिवार ने बताया कि अंश कुछ समय से मोबाइल पर ब्लू व्हेल गेम खेल रहा था और उसे इसकी बुरी लत लग चुकी थी।

ब्लू व्हेल गेम पहले भी कई देशों में बच्चों की मौत से जुड़ा रहा है। इस गेम में खिलाड़ियों को एक के बाद एक खतरनाक टास्क दिए जाते हैं। शुरुआत में आसान टास्क होते हैं लेकिन धीरे-धीरे टास्क डरावने और जानलेवा बन जाते हैं। आखिरी टास्क आत्महत्या तक पहुंच जाता है।

जांच में क्या सामने आ रहा है?

पिपलानी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब मोबाइल फोन का डेटा खंगाल रही है ताकि पता चल सके कि बच्चा किन गेम या ऐप्स का इस्तेमाल कर रहा था और किन लोगों से बात कर रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी आत्महत्या का सही कारण सामने आना बाकी है। मोबाइल फोन की चैट, गेम हिस्ट्री और इंटरनेट एक्टिविटी से कई अहम जानकारी मिल सकती है।