बड़ी राहत: मध्य प्रदेश के 52 में से 17 जिले अब कोरोना फ्री

बड़ी राहत: मध्य प्रदेश के 52 में से 17 जिले अब कोरोना फ्री

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना संक्रमितों (Corona Positive) की बढ़ती संख्या के बीच एक राहत भरी खबर भी है| प्रदेश के 17 जिलों में अब कोरोना का कोई केस नहीं है। इसमें से 9 जिले ऐसे हैं जहां पूर्व में कोरोना संक्रमित मरीज थे, लेकिन अब ये जिले कोरोना मुक्त हो गए हैं। वहीं प्रदेश के 8 जिलों में कोरोना संक्रमण नहीं है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने शुक्रवार को मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग (Video conferencing) के माध्यम से प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की| इस दौरान कोरोना की स्थिति के संबंध में एसीएस स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि प्रदेश के 17 जिलों में अब कोरोना का कोई प्रकरण नहीं है। इसमें से 9 जिलों बड़वानी, आगर-मालवा, शाजापुर, श्योपुर, अलीराजपुर, हरदा, शहडोल, टीकमगढ़ एवं बैतूल में पूर्व में कोरोना संक्रमित मरीज थे, परन्तु अब ये जिले कोरोना मुक्त हो गए हैं। वहीं प्रदेश के 8 जिलों में कोरोना संक्रमण नहीं है।

5822 सैंपल लिए गए
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि हमारी करोना टेस्टिंग क्षमता निरंतर बढ़ रही है। प्रदेश में 15 मई को 5822 सैम्पल लिए गए। प्रदेश के 20 टैस्टिंग लैब में से 14 में टैस्टिंग की जा रही है, शेष में भी शीघ्र प्रारंभ होगी। प्रदेश में 15 मई की स्थिति में कुल पॉजिटिव प्रकरणों में 45 प्रतिशत कोरोना एक्टिव प्रकरण हैं।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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