कमलनाथ के पोस्टर पर भाजपा नेता का तंज, ‘है कृष्ण..नकली अर्जुन को धर्म का मार्ग दिखाओ न’

कमलनाथ के पोस्टर पर भाजपा नेता का तंज, ‘है कृष्ण..नकली अर्जुन को धर्म का मार्ग दिखाओ न’

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर में पूर्व सीएम कमलनाथ (Kamalnath) का एक पोस्टर खूब वायरल हो रहा है| जन्माष्टमी से पहले वायरल हो रहे इस पोस्टर में कमलनाथ को ‘अर्जुन’ बताया है| इसको लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है| भाजपा नेता दुर्गेश केसवानी (Durgesh Keswani) ने ट्वीट कर लिखा ‘हे कृष्ण अब तो शंख बजाओ न..होती है सदैव सत्य की जीत, नकली अर्जुन को बताओ न’|

भाजपा नेता ने कमलनाथ के ‘अर्जुन’ वाले पोस्टर को शेयर करते हुए लिखा-‘हे कृष्ण अब तो शंख बजाओ न..होती है सदैव सत्य की जीत, नकली अर्जुन को बताओ न.क्या सही है क्या गलत है, इसको ज्ञान कराओ न.. इस नकली अर्जुन को,धर्म का मार्ग दिखाओ न..धोखा देकर जनता को,जिसने किया वचन भंग, जो कभी करता था,अठखेलियां जैकलीन संग..सत्ता लोलुपता मैं किया वेश धारण अर्जुन बन’|

गौरतलब है कि उपचुनाव से पहले सवाल उठ रहे हैं कि क्या मध्य प्रदेश में कांग्रेस सॉफ्ट हिंदुत्व का फॉर्मूला आज़माने जा रही है| अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के भूमिपूजन के बाद मध्य प्रदेश में पीसीसी दफ्तर में जमकर उत्सव मनाया गया था| कमलनाथ ने श्रीराम की तस्वीर रख आरती उतारी और पीसीसी में जयश्रीराम के नारे गूंजे| इसके बाद अब जोर शोर से कृष्ण जन्माष्टमी पर कांग्रेस में उत्साह नजर आ रहा है| इसको लेकर भाजपा लगातार कांग्रेस पर निशाना साध रही है|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews