चुनाव को लेकर दर्जन भर नेताओं का दिल्ली में डेरा, इन्होंने संभाली कमान

चुनाव को लेकर दर्जन भर नेताओं का दिल्ली में डेरा, इन्होंने संभाली कमान

भोपाल। दिल्ली विधानसभा चुनाव पर देशभर की निगाहें हैं। चुनाव को लेकर जैसे-जैसे मतदान की तिथि नजदीक आ रही है, चुनाव अपने पूरे शबाब पर है। वहीं चुनाव को लेकर प्रदेश सहित ग्वालियर के कई नेताओं की डूयटी लगाई है। ग्वालियर से ही एक दर्जन से अधिक नेता दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। वहीं कई वरिष्ठ नेता प्रचार की कमान संभाले हुए हैं।

दिल्ली विधानसभा का चुनाव आठ फरवरी हो होना है। लेकिन जैसे-जैसे मतदान की तिथि पास आ रही है। वैसे-वैसे चुनाव अपने पूरे सवाब पर आ रहा है। चुनाव को लेकर राजनीतिक पंडितों की मानें तो मुख्य मुकाबला भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच है। हालांकि शुरू के रूझानों में आप पार्टी दुबारा सरकार बनाने के लिए दम भरती नजर आ रही थी, लेकिन जैस-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है भाजपा अपने आप को मजबूत स्थिति में ला रही है। बताया जाता है कि मतदान की तिथि आते-आते आप और भाजपा के बीच नेक टू नेक फाइट होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। पिछली विधानसभा चुनाव में आप की जबरदस्त लहर देखने को मिली थी। जिससे वह 70 सीटों में से 67 सीट लेकर सरकार बनाई थी। भाजपा को सिर्फ 3 सीटों पर संतुष्ट रहना पड़ा था। वहीं कांग्रेस और अन्य दलों का तो खाता भी नहीं खुला था। दिल्ली चुनाव में भाजपा पूरी ताकत झोंक रही है। चुनाव को लेकर भाजपा ने प्रदेश भर के कई नेताओं की दिल्ली में ड्यूटी लगाई है। वहीं ग्वालियर के एक दर्जन से अधिक नेता दिल्ली में चुनाव की बागडोर संभाले हुए हैं। जिसमें जयप्रकाश राजौरिया, जितेंद्र गुर्जर, रामेश्वर भदौरिया, विनोद शर्मा, सुशील वर्मा आदि शामिल हैं। वहीं चुनाव में प्रचार-प्रसार के लिए ग्वालियर अंचल से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया एवं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी डटे हुए हैं। उक्त वरिष्ठ नेता जनसभाएं, रोड शो और बैठकें लेकर पार्टी पक्ष में माहौल बना रहे हैं। वहीं कुछ वरिष्ठ नेता आने वाले समय में दिल्ली पहुंचने वाले हैं।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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