भोपाल में गाड़ियों के लंबे काफिले को लेकर विवादों में आए बीजेपी नेता और खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन अब नए अंदाज में नजर आए। पीएम नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बीच दर्जनों गाड़ियों के काफिले पर उठे सवालों और संगठन की नाराजगी के बाद राकेश सिंह जादौन ई-रिक्शा में सवार होकर भाजपा कार्यालय पहुंचे।
भोपाल की सड़कों पर उनका यह बदला हुआ अंदाज अब चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर ई-रिक्शा में बैठे राकेश सिंह जादौन की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग इसे संगठन की फटकार का असर बता रहे हैं, जबकि भाजपा समर्थक इसे सादगी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश बता रहे हैं।
गाड़ियों के काफिले पर मचा था बवाल
दरअसल, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करने भोपाल पहुंचे राकेश सिंह जादौन के साथ एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियों का काफिला दिखाई दिया था। लिंक रोड पर खड़ी कई कारों और एसयूवी पर उनके पोस्टर लगे थे। सड़क पर वाहनों की लंबी लाइन लगने से ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ था।
यह मामला इसलिए ज्यादा चर्चा में आया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पेट्रोल-डीजल बचाने और सादगी अपनाने की अपील करते रहे हैं। ऐसे में बीजेपी नेता के बड़े काफिले को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए थे और सोशल मीडिया पर भी लोगों ने नाराजगी जताई थी।
संगठन की नाराजगी के बाद बदली तस्वीर
सूत्रों के मुताबिक, मामले के तूल पकड़ने के बाद संगठन स्तर पर नाराजगी जताई गई। इसके बाद राकेश सिंह जादौन ने अपना तरीका बदलते हुए ई-रिक्शा से भाजपा कार्यालय पहुंचने का फैसला किया।
भोपाल में जब वे ई-रिक्शा में बैठे दिखाई दिए तो वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। कई लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया।
अध्यक्ष सौभाग्य सिंह भी विवादों में
पीएम मोदी की ईंधन बचाने और सादगी अपनाने की अपील के बीच अब पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह भी विवादों में आ गए हैं। भोपाल में कथित तौर पर करीब 200 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे सौभाग्य सिंह के कारण कई जगह ट्रैफिक प्रभावित हुआ। सोशल मीडिया पर लोग तंज कसते हुए लिख रहे हैं, “साहेबान! इनके नेता मोदी नहीं, ट्रंप हैं?” बड़े काफिले और शक्ति प्रदर्शन को लेकर अब भाजपा नेताओं पर सवाल उठने लगे हैं।






