Hindi News

VIDEO: अपनी ही पार्टी के मंत्री को सांसद ने बताया मूर्ख, बोले- इन्हें पार्टी में शामिल करना शायद गलती

Written by:Pooja Khodani
Last Updated:

भोपाल डेस्क रिपोर्ट। MP POLITICS. गुना शिवपुरी क्षेत्र से बीजेपी सांसद केपी यादव (BJP MP KP Yadav) ने प्रदेश सरकार के मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया (Mahendra Singh Sisodia) को मूर्ख बताया है। दरअसल सिसोदिया ने दो दिन पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में गुना से बीजेपी की जीत को जनता की भूल बताया था जिसे लेकर यादव ने उन पर निशाना साधा है।

यह भी पढ़े..हजारों पेंशनरों के लिए बड़ी अपडेट, 25 मई से पहले पूरा करें ये काम, वरना रूक जाएगी पेंशन

लगातार सांसद का चुनाव जीत रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को 2019 के लोकसभा चुनाव में धराशाई करके बीजेपी के टिकट पर लोकसभा पहुंचने वाले सांसद के पी यादव गुस्से में है। गुस्से की वजह बनी है महेंद्र सिंह सिसोदिया का दो दिन पहले दिया गया मंच से बयान जिसमें वे ज्योतिरादित्य सिंधिया की हार की पीड़ा को सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर रहे हैं और कह रहे हैं कि 2019 के लोकसभा चुनाव में जनता से गलती हो गई।

दरअसल उस समय कांग्रेस के टिकट पर लड़े ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव हार गए थे। बाद में परिस्थितियां बदली और सिंधिया ने बीजेपी का दामन थाम राज्यसभा के रास्ते केंद्रीय मंत्री का पद भी पा लिया। महेंद्र सिंह सिसोदिया ने मंच से यह भी कहा था कि महाराज आप बड़े हैं, बड़प्पन दिखाते हुए माफी का भाव रखें।

यह भी पढ़े..MP: किसानों के लिए बड़ी खबर, इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, 1 लाख तक मिलेगा लाभ, ऐसे करें आवेदन

के पी यादव का कहना है कि महेंद्र सिंह सिसोदिया का यह बयान एक मूर्ख का बयान है जिसे यह भी नहीं पता कि बीजेपी मैं रहकर बीजेपी की जीत के बारे में उसे भूल बताना सही है या नहीं। इससे भी एक कदम आगे बढ़ कर के पी यादव ने सिसोदिया को 2020 में बीजेपी में शामिल करने पर भी सवाल खड़े कर दिए।

केपी ने कहा कि अब तो ऐसा लगता है कि 2020 में महेंद्र सिंह सिसोदिया जैसे लोगों को भाजपा में शामिल करना शायद भूल थी। कांग्रेस महेंद्र सिसोदिया पर केपी यादव के इस कटाक्ष पर मजे ले रही है। कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट किया है कि एक बार फिर बिकाऊओ के खिलाफ टिकाऊओ का मोर्चा खुल गया है।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
Follow Us :GoogleNews