रविवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित “समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक से 900 एमएसएमई यूनिट्स को 360 करोड़ की राशि प्रदान की। साथ ही उद्यमियों को भूमि आवंटन के लिए आशय पत्र वितरित किए और मध्यप्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी के अंतर्गत उद्यमियों को सहायता राशि के चेक भी सौंपे गए ।
दरअसल, मध्यप्रदेश उद्यमिता को नई दिशा देने के साथ रोजगार सृजन को गति प्रदान करने के उद्देश्य से आज (14 जून 2026) भोपाल में “समृद्ध MSME–विकसित मध्यप्रदेश” कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका शुभारंभ सीएम यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के हितग्राहियों को ऋण राशि के चेक दिए गए और उद्यमियों से संवाद कर प्रदेश में नए उद्योग स्थापित के लिए पूर्ण सहायता का भरोसा दिया। विकसित भारत को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2047 तक एक करोड़ पंजीकृत MSME इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सरकार युवा उद्यमियों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। MSME इकाई के जरिये राज्य में लगभग सवा करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा है। मार्च 2026 तक MSME इकाइयों को करीब पौने चार करोड़ रुपये का देयक दिया जा चुका है। यह सरकार की ढाई साल की सबसे बड़ी उपलब्धि है। हम इन इकाइयों के साथ प्रदेश को आर्थिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। हकृषि कल्याण वर्ष में हमने फूड-प्रोसेसिंग इकाई के लिए भी कई योजनाएं बनाई हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि सभी इसका भी लाभ लेंगे।
पीएम मोदी की तारीफ की
प्रधानमंत्री की तारीख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अलग आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। उज्जैन में सिंहस्थ के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम सभी अमृत स्नान करेंगे। देश में ऐसा केंद्रीय नेतृत्व है, जो हर क्षेत्र में सफलता के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। आज अमेरिका जैसा शक्तिशाली देश भी प्रधानमंत्री के आने का इंतजार करता है। हमने मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात में उनके कार्यकाल को देखा है। देश के महान उद्योगपति स्व. रतन टाटा ने देशवासियों को एक लाख रुपए में कार देने का सपना देखा था। जब तत्कालीन पश्चिम बंगाल सरकार में उन्हें उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन नहीं मिली तो उन्होंने गुजरात का रुख किया।
प्रदेश में 5.26 लाख मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, 44 लाख को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन एवं सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग राघवेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 5 लाख 26 हजार मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, जिनमें 42 हजार 700 करोड़ का निवेश है। इनसे करीब 44 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिल रहा है।
- मध्यप्रदेश सरकार ने उद्योग अनुकूल MSME पॉलिसी लागू की है। प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में निवेश सहायता के रूप में 6 हजार 136 एसएसएमई उद्यमियों को 3 हजार 723 करोड़ राशि दी गई है।
- उसके पहले के ढाई साल में केवल 1245 करोड़ की राशि प्रदान की गई थी। अब तक उद्योग प्रोत्साहन राशि के रूप में तीन गुना अधिक राशि उद्यमियों की दी जा चुकी है।
- राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक के सभी देयकों का भुगतान कर चुकी है। आज 900 एमएसएमई यूनिट्स को 360 करोड़ की राशि दी गई है।
- प्रदेश में अभी 181 औद्योगिक क्षेत्र संचालित हैं। पिछले एक वर्ष में उद्यमियों को 1000 से अधिक भूखंड आवंटित किए गए हैं। प्रदेश में 44 नए औद्योगिक क्षेत्र और क्लस्टर प्रस्तावित हैं।
उद्यमियों ने शेयर किए अपने अनुभव
- कार्यक्रम में अलाना कंपनी की संस्थापक राशि मेहरा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश से शुरु हुआ अलाना लिप केयर ब्रांड की शुरुआत आसान नहीं थी, आज हमारा ग्रुप देश-विदेश में अपने प्रोडक्ट्स सप्लाई कर रहा है।
- उद्यमी कुनाल ज्ञानी ने बताया कि हमने मध्यप्रदेश से एक छोटी एमएसएमई यूनिट शुरू की थी। आज देश के 5 राज्यों में हमारी ईकाइयां हैं और अब यूके में भी खुलने जा रही है। मध्यप्रदेश को भारत का दिल कहते हैं, जिसमें उद्योग संचालन की लागत सबसे कम है।






