जीतू पटवारी ने त्विषा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई जांच को लेकर राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि त्विषा शर्मा की मौत की जांच सीबीआई को सौंपना इस बात का सबूत है कि मोहन सरकार नाकाम साबित हुई है और मध्यप्रदेश का गृह मंत्रालय पूरी तरह पंगु हो चुका है।
कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में त्विषा शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अब देश की प्रमुख जांच एजेंसी से निष्पक्ष और त्वरित जांच की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि दोषियों की जल्द पहचान होनी चाहिए ताकि न्याय की नई मिसाल कायम हो सके।
जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा
जीतू पटवारी ने त्विषा शर्मा की मौत की CBI जांच को मोहन सरकार की पुलिस की नाकामी और गृह मंत्रालय की पंगुता का सबूत बताया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई से यह अपेक्षा है कि निष्पक्ष और त्वरित जांच हो। दोषी शीघ्र चिन्हित हों, ताकि न्याय की नई मिसाल कायम हो सके। बता दें कि भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में मध्यप्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की स्वीकृति के बाद गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। मामले को लेकर लगातार राजनीतिक बयानबाजी और निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही थी।
समर्थ सिंह के वकील ने हाईकोर्ट में ज़मानत याचिका वापस ली
त्विषा शर्मा की मौत के बाद उनके परिवार ने ससुराल पर प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों के अनुसार, पति समर्थ सिंह और ससुराल पक्ष की ओर से दहेज को लेकर दबाव बनाया जाता था। परिवार ने आरोप लगाया कि त्विषा को बार-बार परेशान किया जाता था और उसे मानसिक तनाव में रखा गया। इस मामले में ससुराल पक्ष और उसके पति समर्थ सिंह के खिलाफ जांच चल रही है। समर्थ सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जबलपुर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसपर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान समर्थ सिंह के वकील ने अग्रिम जमानत याचिका वापस ले की है और समर्थ सिंह द्वारा सरेंडर करने की बात कही है। समर्थ सिंह पिछले नौ दिनों से फरार चल रहा है। भोपाल जिला अदालत समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी पहले ही खारिज कर चुकी है।






