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मध्यप्रदेश में सीएम डॉ. मोहन की अध्यक्षता में राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन, व्यापार और निर्यात के लिए बनेगा बेहतर वातावरण

Written by:Gaurav Sharma
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। यह बोर्ड प्रदेश के व्यापार और निर्यात को नई दिशा देगा।
मध्यप्रदेश में सीएम डॉ. मोहन की अध्यक्षता में राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन, व्यापार और निर्यात के लिए बनेगा बेहतर वातावरण

मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के व्यापारिक समुदाय के हितों को साधने और राज्य के निर्यात को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का विधिवत गठन कर दिया गया है। यह निर्णय भारत सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए लिया गया है। इस पहल से प्रदेश के व्यापारी समुदाय के कल्याण के लिए औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए एक बेहतर वातावरण निर्मित करने और राज्य के निर्यात को प्रभावी ढंग से बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी।

नवगठित मध्यप्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर आसीन व्यक्ति तथा विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं ताकि इसके उद्देश्यों की समग्रता से पूर्ति की जा सके। समिति में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभागों के मंत्रीगण सम्मिलित होंगे। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री द्वारा अधिकतम दस सदस्यों को भी बोर्ड में नामित किया जाएगा, जो विभिन्न क्षेत्रों से विशेषज्ञता लाएंगे।

बोर्ड में कई अहम विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

बोर्ड के आधिकारिक सदस्यों की सूची अत्यंत व्यापक है, जिसमें राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव अथवा सचिव स्तर के अधिकारीगण शामिल हैं। इनमें औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, वाणिज्यिक कर, वित्त, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, लोक निर्माण, खनिज साधन, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, पशुपालन एवं डेयरी, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, विमानन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण एवं पर्यटन विभाग के अधिकारीगण प्रमुख हैं। यह विस्तृत प्रतिनिधित्व यह सुनिश्चित करेगा कि व्यापार से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार किया जा सके।

इसके अतिरिक्त, राज्य नीति आयोग के सीईओ, भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रमुख, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय अधिकारी, भारतीय कंटेनर निगम के वरिष्ठ प्रबंधक, नाबार्ड के सीजीएम, ईसीजीसी एवं एक्जिम बैंक के शाखा प्रबंधक, एपिडा के क्षेत्रीय प्रमुख, एफएसएसएआई के आयुक्त तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सीईओ जैसे प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधि भी आधिकारिक सदस्य के रूप में बोर्ड का हिस्सा होंगे। यह विविधतापूर्ण संरचना व्यापारिक कल्याण के लिए आवश्यक नीतिगत और कार्यान्वयन संबंधी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श का मार्ग प्रशस्त करेगी।

संस्था के पदेन सदस्यों में अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के सीईओ तथा आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालक शामिल हैं। शीर्ष चेम्बर्स से पदेन सदस्यों के रूप में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), फिक्की, भारतीय निर्यात संगठन संघ (फिओ), दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की), लघु उद्योग भारती एवं अन्य राज्य स्तरीय व्यापार समिति तथा संघ के प्रतिनिधि मनोनीत किए गए हैं। प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन, भोपाल को बोर्ड का सदस्य-सचिव नामित किया गया है, जो बोर्ड के प्रशासनिक और समन्वय संबंधी कार्यों का निर्वहन करेंगे।

जरूरत के अनुसार बोर्ड में किए जा सकेंगे संशोधन

मध्यप्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड की कार्यप्रणाली को सुचारु बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रावधान भी किए गए हैं। अध्यक्ष की अनुमति से बोर्ड में आवश्यकतानुसार संशोधन किए जा सकेंगे ताकि यह समय के साथ बदलते व्यापारिक परिदृश्य के अनुरूप ढल सके। जिला स्तरीय समिति (डी.एल.सी) के गठन एवं उनके कार्यक्षेत्र का निर्धारण सदस्य-सचिव द्वारा प्रस्तावित कर समन्वय में अनुमोदन के बाद किया जाएगा, जिससे जमीनी स्तर पर भी व्यापारिक हितों को साधा जा सके। बोर्ड की बैठकें कैलेंडर वर्ष में चार बार अर्थात प्रत्येक तीन माह में एक बार आयोजित की जाएंगी, जिससे निरंतर प्रगति की समीक्षा और आवश्यक निर्णय लिए जा सकें।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
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