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उत्तराखंड: मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति परीक्षा की आवेदन तिथि बढ़ी, अब 23 मई तक भर सकते हैं फॉर्म

Written by:Gaurav Sharma
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उत्तराखंड के मेधावी छात्रों के लिए खुशखबरी! मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति परीक्षा की आवेदन तिथि 23 मई तक बढ़ाई गई, जिससे वंचित छात्रों को मिलेगा लाभ।
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति परीक्षा की आवेदन तिथि बढ़ी, अब 23 मई तक भर सकते हैं फॉर्म

उत्तराखंड के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है, जिसमें ‘मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति परीक्षा’ के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया गया है। यह निर्णय उन हजारों छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है जो किसी कारणवश अभी तक इस महत्वपूर्ण छात्रवृत्ति योजना के लिए अपना आवेदन नहीं कर पाए थे और अब उन्हें इस सुनहरे मौके का लाभ उठाने के लिए कुछ और दिन मिल गए हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने छात्रहित में यह कदम उठाया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थी इस प्रोत्साहन योजना का हिस्सा बन सकें और अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकें।

अब 23 मई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

नवीनतम जानकारी के अनुसार, अब मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 मई, 2026 तक किए जा सकेंगे। यह तिथि विस्तार उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो पिछली निर्धारित अंतिम तिथि 20 मई, 2026 तक अपना आवेदन जमा करने में असमर्थ रहे थे। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं, जिससे सभी संबंधित पक्षों को इसकी जानकारी मिल सके और वे तदनुसार आवश्यक कार्यवाही कर सकें। अपर निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, पदमेंद्र सकलानी ने स्वयं इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की है, जो परिषद की ओर से छात्र-छात्राओं के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।

छात्रवृत्ति परीक्षा में अपेक्षा से कम आए आवेदन

परिषद द्वारा यह निर्णय लेने के पीछे एक ठोस और विचारणीय कारण रहा है। प्रारंभिक आंकड़ों के विश्लेषण से यह बात सामने आई थी कि कुल पंजीकृत 1,25,519 छात्र-छात्राओं में से केवल 80,670 ने ही छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए आवेदन किया था। यह आवेदन प्रतिशत मात्र 64.27 फीसदी था, जो कि अपेक्षा से काफी कम था। इतने कम आवेदन प्रतिशत को देखते हुए, विभिन्न जिलों और विकासखंडों से ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाने के लिए लगातार अनुरोध प्राप्त हो रहे थे। इन अनुरोधों में यह स्पष्ट रूप से कहा गया था कि कई छात्र-छात्राएं तकनीकी समस्याओं, जानकारी के अभाव या अन्य व्यक्तिगत कारणों से समय पर आवेदन नहीं कर पा रहे थे। छात्रों और अभिभावकों की इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने आवेदन की अंतिम तिथि को 23 मई, 2026 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

यह तिथि विस्तार सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पात्र और मेधावी छात्र-छात्रा इस महत्वपूर्ण अवसर से वंचित न रह जाए। ‘मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति परीक्षा’ का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। ऐसे में, यदि बड़ी संख्या में विद्यार्थी आवेदन करने से रह जाते, तो योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित होता। इसलिए, परिषद का यह कदम न केवल छात्रों को राहत देगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि योजना अपने लक्ष्य को प्रभावी ढंग से प्राप्त कर सके। सभी इच्छुक और पात्र छात्र-छात्राओं को सलाह दी जाती है कि वे अब बिना किसी विलंब के जल्द से जल्द अपना ऑनलाइन आवेदन पूरा कर लें, क्योंकि यह अवसर फिर नहीं मिलेगा। परीक्षा का आयोजन 7 जुलाई, 2026 को निर्धारित तिथि पर ही किया जाएगा, इसलिए आवेदन करने के बाद छात्रों को अपनी तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यह छात्रवृत्ति उनके भविष्य के लिए एक मजबूत नींव साबित हो सकती है, इसलिए इस विस्तारित अवधि का लाभ उठाना अत्यंत आवश्यक है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
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