मध्य प्रदेश को अपना घर बना लेने दक्षिण अफ़्रीकी देशों से आये चीतों के कुनबे में लगातार वृद्धि हो रही है, भारत में चीता प्रोजेक्ट की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मध्य प्रदेश में इनकी बसाहट के बाद से लगातार कुनबा बढ़ रहा है। राज्य की धरती पर मादा चीता नए शावकों को जन्म दे रही हैं, सोमवार 9 मार्च को कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई चीता ज्वाला ने पांच शावकों को जन्म दिया खास बात ये है कि ज्वाला तीसरी बार मां बनी, जिसके बाद  भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है।

चीतों के बढ़ते कुनबे को देखते हुए अब सरकार इनको तीसरा नया घर देने जा रही है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज घोषणा की है कि मध्य प्रदेश में चीतों का नया घर रानी दुर्गावती अभयारण्य नौरादेही होगा, यहाँ अब कूनो नेशनल पार्क से चीतों को शिफ्ट किया जायेगा।  डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में चीते तेजी से फल-फूल रहे हैं। हाल ही में 5 नये शावकों के जन्म से चीतों का परिवार और भी समृद्ध हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार करीब 2 महीने बाद रानी दुर्गावती अभयारण्य (नौरादेही) में भी चीते छोड़ने जा रही है। इससे मध्यप्रदेश में चीतों के 3 घर तैयार हो जाएंगे।

17 सितंबर 2022 को शुरू हुआ है चीता प्रोजेक्ट  

उल्लेखनीय है कि चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर की थी तब पहली बार  17 सितंबर, 2022 को नामीबिया से आठ चीतों को भारत में लाया गया था और कूनो नेशनल पार्क श्योपुर में उन्हें छोड़ा गया था इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को लाया गया था। इन चीतों ने मध्य प्रदेश को अपना घर मान लिया, यहीं कई मादा चीता ने कई शावकों को जन्म भी दिया।

भारत में चीतों की कुल संख्या 53 हो गई है 

पिछले दिनों 28 फरवरी को एक बार फिर बोत्सवाना से नौ चीते कूनो नेशनल पार्क पहुंचें जिसमें 6 मादा और 3 नर  चीता हैं। कल 9 मार्च को कूनो में नामीबियाई चीता ज्वाला ने पांच शावकों को जन्म दिया जिसके बाद भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है इसमें से भारत में जन्मे चीतों की संख्या 33 है, बता दें भारत के कुल 53 चीतों में से 50 चीते कूनो नेशनल पार्क में हैं जबकि 3 गांधी सागर अभ्यारण्य में है, अब इनके लिए एक और नया घर  रानी दुर्गावती अभयारण्य नौरादेही बनाने की मुख्यमंत्री ने घोषणा की है।