अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 के अवसर पर रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित ‘सशक्त उद्यमी, समृद्ध मध्यप्रदेश समिट’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए उन्होंने इस अवसर पर एमएसएमई इकाइयों को 225.19 करोड़ रुपये, विभिन्न स्टार्ट-अप्स को लगभग 39 लाख रुपये तथा वृहद उद्योगों के लिए 1,274 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यमियों द्वारा प्रदर्शित नवाचार, उत्पादों एवं कला-शिल्प प्रदर्शनी को देखा और उनकी प्रशंसा की, सीएम ने इस अवसर पर वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की साथ गी अगली GIS भोपाल में करने की घोषणा की उन्होंने बताया कि GIS के पीएम मोदी को आमंत्रित किया जायेगा वे शामिल होंगे।
डॉ मोहन यादव ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश विकास की दृष्टि से तेज़ी से अग्रसर है। देश-विदेश की अग्रणी कंपनियां मध्यप्रदेश में लगातार निवेश कर रही हैं। हमें विश्वास है कि आने वाले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश देश के शीर्ष तीन अग्रणी राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा, उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने कपास उत्पादक किसानों को राहत देते हुए कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क को एक प्रतिशत से घटाकर आधा प्रतिशत किया गया है, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य, व्यापारियों को सुविधा और प्रदेश में कपास व्यापार को बढ़ावा मिल सके।
MSME में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व 59 प्रतिशत बढ़ा
देश में लगभग 7 करोड़ एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जिनमें से 25 लाख से अधिक इकाइयां मध्यप्रदेश में कार्यरत हैं। इनमें 4 लाख 41 हजार से अधिक एमएसएमई इकाइयों का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है, सीएम ने बताया कि गत वर्षों के मुकाबले वर्ष 2024 से 2026 के बीच एमएसएमई में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व 59 प्रतिशत बढ़ा है। राज्य सरकार ने प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए 16 कलस्टर का निर्माण किया है और 14 नए कलस्टर पर काम चल रहा है।
विकसित भारत के लिए विकसित मध्यप्रदेश का निर्माण आवश्यक
डॉ मोहन यादव ने कहा हमें विकसित भारत के लिए विकसित मध्यप्रदेश का निर्माण करना भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) को भोपाल में आयोजित करने का निर्णय लिया है। हमें इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित करेंगे, सीएमने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जैसे हमने इस साल को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया है अगला वर्ष 2027 युवा वर्ष के रूप में मनाएंगे।






