प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून 2026 तक चलने वाले अपने राजकीय दौरे पर सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया पहुंच गए हैं। दरअसल सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर हुए इस दौरे की शुरुआत गर्मजोशी भरे स्वागत के साथ हुई। इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए उनका अभिनंदन किया गया। इस यात्रा को भारत और सेशेल्स के लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
दरअसल एयरपोर्ट पर भारतीय मूल के लोगों और स्थानीय समुदाय ने भी प्रधानमंत्री का उत्साह के साथ स्वागत किया है। वहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भारतीय परंपरा की झलक दिखाई दी, जिसने दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर मजबूत संबंधों को भी सामने रखा है। दरअसल यह दौरा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक नजरिए से भी काफी अहम माना जा रहा है।
भारत-सेशेल्स संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दौरान सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। किसी देश के राष्ट्रीय समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया जाना दोनों देशों के बीच मजबूत विश्वास और करीबी संबंधों का संकेत माना जाता है। इस दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और क्षमता निर्माण जैसे कई क्षेत्रों में बातचीत होने की संभावना है। दरअसल हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स की रणनीतिक स्थिति भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग लगातार मजबूत हुआ है।
बॉटनिकल गार्डन पहुंचे पीएम मोदी
दरअसल राजकीय कार्यक्रमों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विक्टोरिया स्थित प्रसिद्ध बॉटनिकल गार्डन का भी दौरा किया। इस दौरान राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी भी उनके साथ मौजूद रहे। यहां प्रधानमंत्री ने करीब 194 वर्ष पुराने विशाल कछुए को देखा, जिसे दुनिया के सबसे अधिक उम्र वाले जीवों में गिना जाता है। यह बॉटनिकल गार्डन सेशेल्स का प्रमुख पर्यटन और प्राकृतिक धरोहर स्थल माना जाता है। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। होटल पहुंचने पर भारतीय मूल के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को भी दर्शाया है।






