देश में जारी SIR यानि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन पर चुनाव योग सख्ती दिखा रहा है लेकिन विपक्षी पार्टियाँ इसे अपने हिसाब से देख रही हैं , कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों को लगता है कि चुनाव आयोग एसआईआर के माध्यम से मतदाताओं के नाम काट रहा है और भाजपा को लाभ पहुंचा रहा है इसलिए ये प्रक्रिया बंद होनी चाहिए, हालाँकि चुनाव आयोग इसे कई बार स्पष्ट कर चुका है ये एक सामान्य प्रक्रिया है जो पहले भी हो चुकी है इसमें नया कुछ नहीं है लेकिन विपक्ष का विरोध जारी है उधर इस बीच एसआईआर को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक अपील की है
एसआईआर का मुद्दा चुनाव आयोग से निकल सियासी गलियारों में पहुंचा, राहुल गांधी ने इसे वोट चोरी का हथियार कहा, उनके साथ कई विपक्षी पार्टियाँ खड़ी हो गई, आरोप लगाये जा रहे हैं कि चुनाव आयोग चुन चुन कर विपक्षी पार्टियों के वोट काट रहा है उसने 13 करोड़ से अधिक लोगों के नाम काट दिए हैं ये अब कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के लिए किया जा रहा है मामला सर्वोच्च अदालत भी पहुंचा लेकिन वहां भी विपक्षी पार्टियों को कोइओ बड़ी राहत नहीं मिली लेकिन उनका विरोध लगातार जारी है।
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मजबूत लोकतंत्र के लिए मतदाता सूची अपडेट, पारदर्शी होना जरूरी
इधर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एसआईआर को लेकर एक अपील X पर पोस्ट की है , उन्होंने लिखा – लोकतंत्र की मजबूती में हर जागरूक मतदाता की भागीदारी जरूरी है, लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि मतदाता सूची भी अपडेट, पारदर्शी और विश्वसनीय हो। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है।
पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित है
सीएम ने कहा SIR को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें। Form 6 और Declaration सहित पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित है। सही जानकारी के लिए सिर्फ निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया पर ही विश्वास करें।
18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं के लिए ये संदेश
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा- मेरा आग्रह है कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवा अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं और प्रत्येक नागरिक अपने नाम की भी पुष्टि करे। आइए, अपनी जिम्मेदारी निभाएं और एक विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें।