सोयाबीन और धान खरीदी के लिये बनाये गये उपार्जन केंद्रों को लेकर सीएम डॉ मोहन यादव गंभीर, मंत्रियों को निगरानी के निर्देश

अब तक 77 हजार से अधिक किसानों से 2 लाख 4 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन का उपार्जन किया जा चुका है। प्रतिदिन लगभग 20 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन की आवक हो रही है।
Soybean CM Mohan Yadav

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Soybean CM Mohan Yadav: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित करते हुए कहा कि सोयाबीन और धान खरीदी के लिये बनाये गये उपार्जन केन्द्रों का अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि उपार्जन में किसानों को यदि कोई समस्या आ रही है, तो संबंधित विभाग के संज्ञान में लायें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 25 अक्टूबर से सोयाबीन का उपार्जन हो रहा है। उपार्जन 31 दिसम्बर तक होगा। अब तक 77 हजार से अधिक किसानों से 2 लाख 4 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन का उपार्जन किया जा चुका है। प्रतिदिन लगभग 20 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन की आवक हो रही है।

2810 मीट्रिक टन धान का उपार्जन हो चुका

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि 2 दिसम्बर से धान का उपार्जन शुरू हो चुका है। अब तक 428 किसानों से 2810 मीट्रिक टन धान का उपार्जन हो चुका है। धान के उपार्जन के लिये अभी 1184 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। लगभग 7 लाख 68 हजार किसानों द्वारा धान उपार्जन के लिये ऑनलाइन पंजीयन कराया गया है। उन्होंने बताया कि 4 दिसम्बर तक 97 हजार से अधिक किसान उपार्जन केन्द्रों पर उपज विक्रय के लिये स्लॉट बुक करा चुके हैं।

ये है जिलेवार उपार्जन का आंकड़ा 

जिला बालाघाट में 859, सतना में 519, सिंगरौली में 252, मंडला 205, बैतूल 173, अनूपपुर 171, कटनी 149, रीवा 135, मैहर 111, सागर 61, शहडोल 43, सीधी 42, नरसिंहपुर 30, नर्मदापुरम 28, पन्ना 25, दमोह 6 और जिला मऊगंज में 1 मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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