मध्य प्रदेश में इन दिनों गेहूं का उपार्जन चल रहा है, किसानों को उपार्जन केंद्र पर गेहूं तुलाई से लेकर उनके खाते में राशि पहुंचने तक उन्हें कोई परेशानी नहीं होने के निर्देश मुख्यमंत्री द्र्मोहना यादव ने दिए हैं, सीएम खुद गेहूं उपार्जन की निगरानी कर रहे हैं, पिछले दिनों उन्होंने कुछ उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण भी किया है और जल्दी ही किसी और उपार्जन केंद्र का निरीक्षण करेंगे।
मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया सुगमता से चल रही है, मुख्यमंत्री खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं लगातार अपडेट ले रहे हैं, भुगतान प्रक्रिया को लेकर सीएम ने सख्त निर्देश दिए है परिणामस्वरुप अभी तक किसानों को 10403.17 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
56.45 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन
खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि गेहूं का उपार्जन 23 मई तक होगा। अभी तक 9 लाख 38 हजार किसानों से 56 लाख 45 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है, इस बार 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री ने बताया कि सोमवार से शनिवार तक सप्ताह में 6 दिन गेहूं उपार्जन किया जा अरह है तौल पर्ची रात 10 बजे तक बनाई जा रही है जिससे किसान को कोई परेशानी ना हो।
गेहूं की MSP 2625 रुपये प्रति क्विंटल
खाद्य मंत्री ने बताया कि इस बार गेहूं की बंपर पैदावार हुई है और रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है, जो पिछले साल से 3 लाख 60 हजार अधिक है। उन्होंने बताया कि गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है इसपर मध्य प्रदेश सरकार 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे रही है यानि प्रदेश में 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।
जरुरत पड़ने पर जिला स्तर पर बढ़ सकते हैं तौल कांटे
खाद्य मंत्री ने बताया कि उपार्जन केंद्र पहुंचने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए तौल काटों की संख्या को बढ़ाकर 6 कर दिया गया है साथ ही आवश्यकतानुसार जिलों को इसकी संख्या और बढ़ाने का अधिकार भी दिया गया है इसके साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा उपार्जन की मॉनीटरिंग की जा रही है।






