मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन को फूड प्रोसेसिंग उद्योग से जोड़ा जाएगा, एकीकृत मत्स्य उद्योगों को MSME के तहत प्रोत्साहन एवं इंसेंटिव दिया जाएगा तथा मत्स्य उद्योग नीति-2026 के अंतर्गत भूमि और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह घोषणा आज, शुक्रवार को भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन को फूड प्रोसेसिंग उद्योग से जोड़कर मछली प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, MSME के माध्यम से एकीकृत मत्स्य उद्योग को प्रोत्साहित किया जाएगा। मत्स्य पालन क्षेत्र में विकास और रोजगार के नए अवसरों की व्यापक संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र के विस्तार से स्टार्टअप्स, उद्योगों और व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल रहा है
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मुख्यमंत्री यादव ने आगे कहा कि वर्ष 2002-03 तक मध्यप्रदेश में मात्र 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा थी, जो आज बढ़कर लगभग 67 लाख हेक्टेयर हो गई है। हमारा लक्ष्य इसे 100 लाख हेक्टेयर तक पहुँचाना है, जिससे किसानों की समृद्धि के साथ मत्स्य पालन को भी नई गति मिलेगी। इसी दिशा में हमारी सरकार ने मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए 1 लाख केज स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मध्यप्रदेश में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से जल संरक्षण एवं सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। इससे किसानों की समृद्धि के साथ मत्स्य पालन के क्षेत्र को भी नई दिशा मिलेगी।
कॉन्क्लेव में किसान क्रेडिट कार्ड से लेकर प्रमाण-पत्र तक सौंपे गए
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल की उपस्थिति में भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में राष्ट्रीय फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सिंह ने जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास की परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति मुख्यमंत्री को सौंपी।
कार्यक्रम में ‘मध्यप्रदेश मत्स्य निवेश एवं निर्यात मार्गदर्शिका-2026’ तथा अंतर्देशीय राज्यों की निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए तैयार मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का विमोचन एवं एकीकृत केज कल्चर इकाइयों का वर्चुअल उद्घाटन भी हुआ। इस अवसर पर मत्स्य पालन से जुड़े हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, मत्स्य सहकारी समितियों, स्टार्टअप्स तथा प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
