मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर भोपाल के लाल परेड मैदान में अमर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 के ऐतिहासिक बलिदान का स्मरण करते हुए आज पूरा देश पुलिस स्मृति दिवस मना रहा है। देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों पर देश को गर्व है।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि दुनिया में मची उथल-पुथल के बीच अगर देश में लोकतंत्र सुरक्षित है, तो उसमें हमारे पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्यप्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने में हमारे जवानों का योगदान अविस्मरणीय है। शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को 1 करोड़ की सहायता राशि में से 50% पत्नी और 50% माता-पिता को देने का निर्णय उनके प्रति हमारी संवेदनशीलता का प्रतीक है।
ये भी पढ़ें
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस जवानों ने अपनी दक्षता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा से मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने में हमारे जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उनका योगदान सराहनीय और अभिनंदनीय है। अब हम साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और नशामुक्त मध्यप्रदेश की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं । राष्ट्र और समाज की सुरक्षा में पुलिस एवं सशस्त्र बलों की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है।
उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस का यह दिन कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों के शौर्य और साहस को पूरे देश में स्मरण किया जाता है। मैं वीर जवानों को नमन करता हूं, जिन्होंने कर्तव्यपथ पर अडिग रहते हुए देश की सुरक्षा और जनसेवा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। देश की सुरक्षा और समाज की शांति के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए शहीद हुए वीर पुलिसकर्मियों को मैं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं
पुलिस स्मृति दिवस
बता दें कि पुलिस स्मृति दिवस प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को देशभर में उन पुलिसकर्मियों की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 9 वीर जवान शहीद हो गए थे। इन वीर जवानों की शहादत की स्मृति में प्रत्येक वर्ष पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
इस वर्ष मध्यप्रदेश पुलिस के 9 अधिकारी-कर्मचारियों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया है। इनमें शहीद पुलिसकर्मियों में स्वर्गीय आशीष शर्मा, निरीक्षक (विशेष सशस्त्र बल), स्वर्गीय अशोक शर्मा, उप निरीक्षक, स्वर्गीय मदनलाल निनामा, सहायक उप निरीक्षक,स्वर्गीय परिमाल सिंह तोमर, प्रधान आरक्षक क्रमांक 291,स्वर्गीय ओम प्रकाश भवेदी, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक क्रमांक 40, स्वर्गीय सर्जन सिंह भील, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक क्रमांक 580,स्वर्गीय आरती पाल, महिला आरक्षक क्रमांक 1480, स्वर्गीय महेश प्रसाद पाठक, आरक्षक क्रमांक 98 तथा स्वर्गीय विकास चतुर्वेदी, आरक्षक क्रमांक 987 शामिल हैं।
