मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि सभी अधिकारी फील्ड में रहकर जनसमस्याओं का मौके पर ही निराकरण करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वे बिना पूर्व सूचना दिए किसी भी जिले में पहुंचकर अभियान की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने लंबित शिकायतों वाले विभागों को स्थिति सुधारने और जिलों में लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में सर्वाधिक लंबित शिकायतों वाले राजस्व, महिला एवं बाल विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

सीएम मोहन यादव बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर-कमिश्नर और एसपी-आईजी की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जन विश्वास अभियान सरकार की प्राथमिकता है और इसमें सभी अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। जिन जिलों में जनसमस्याएं लंबित हैं, वहां कलेक्टर विशेष प्रयास कर प्रकरणों की संख्या न्यूनतम स्तर पर लाएं।

लापरवाही पर मुख्य सचिव ने जताई नाराजगी

मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि कुछ कलेक्टर मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में पूरी गंभीरता से काम नहीं कर रहे हैं, जो बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कलेक्टरों को अपने प्रदर्शन में तत्काल सुधार करने और फील्ड में जाकर जनसमस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्वामित्व योजना में अब तक 1.60 लाख रजिस्ट्री

मुख्यमंत्री ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन 2026 योजना की भी समीक्षा की। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को नि:शुल्क रजिस्ट्री का लाभ दिया जा रहा है। 21 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश में 49 लाख 48 हजार 980 प्लॉट्स की निशुल्क रजिस्ट्री के लक्ष्य के मुकाबले 1 लाख 60 हजार 230 रजिस्ट्रियां की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने बेहतर कार्य करने वाले उपपंजीयकों और पटवारियों की सराहना की। वहीं, शून्य प्रगति वाले हल्कों को लेकर रीवा, शहडोल और धार के कलेक्टरों को तत्काल काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने न्यूनतम प्रगति वाले 10 जिलों के कलेक्टरों से भी स्थिति सुधारने को कहा।

12 जिलों में कम बारिश, विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश

प्रदेश में अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 12 जिलों के कलेक्टरों को खेती-किसानी, पेयजल और सिंचाई प्रबंधन के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में सामान्य वर्षा 949 मिलीमीटर के मुकाबले इस वर्ष 908.4 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम है।

अलीराजपुर, धार, झाबुआ, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, पांढुर्णा, शाजापुर और छिंदवाड़ा में सामान्य से 19 प्रतिशत से कम वर्षा दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने इन जिलों में विशेष सावधानी बरतने और कम बारिश वाले क्षेत्रों पर प्राथमिकता से ध्यान देने को कहा।

मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए चेस्ट क्लीनिक

मौसम में बदलाव के कारण होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष उपाय करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि 15 अक्टूबर से प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में चेस्ट क्लीनिक शुरू किए गए हैं। इन केंद्रों पर खांसी, जुकाम, गले और सीने में दर्द जैसी शिकायतों की जांच कर गंभीर बीमारियों की पहचान और उपचार किया जाएगा।

दीपावली से पहले सड़कों की मरम्मत पूरी करने के निर्देश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वर्षा के बाद निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों की जरूरी मरम्मत दीपावली से पहले पूरी कराई जाए। वहीं, नगरीय निकायों के अधूरे निर्माण कार्यों को भी प्राथमिकता से पूरा करने को कहा गया। इसके अलावा पुल-पुलियों और दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने तथा भवन निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे करने के निर्देश दिए गए।

1 नवंबर को भव्य स्तर पर मनेगा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस

मुख्यमंत्री ने 1 नवंबर को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह भव्य स्तर पर आयोजित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर कृषि और उससे जुड़े विषयों पर केंद्रित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समारोह में बॉलीवुड गायिका मोनाली ठाकुर प्रस्तुति देंगी।

गोवर्धन पूजा पर 1 लाख रुपये तक के पुरस्कार

गोवर्धन पूजा के अवसर पर प्रदेश के 208 वृंदावन ग्रामों में अच्छे पशुपालकों के बीच प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके विजेताओं को गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार में 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार में 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस तरह कुल 624 विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष से यह पुरस्कार सभी विकासखंडों में भी दिए जाएंगे।