भाजपा की लिस्ट में ‘छठे नंबर’ पर सिंधिया, कांग्रेस बोली-‘इतना सम्मान हज़म कैसे हो रहा’

भाजपा की लिस्ट में ‘छठे नंबर’ पर सिंधिया, कांग्रेस बोली-‘इतना सम्मान हज़म कैसे हो रहा’

भोपाल| कांग्रेस (Congress) छोड़ भाजपा (BJP) में आये ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) उपचुनाव से पहले प्रदेश की सियासत में लगातार सुर्खियां बने हुए हैं| कांग्रेस उन पर लगातार निशाना साध रही है| एक बार फिर कांग्रेस ने सिंधिया पर तंज कसा है| उपचुनाव के लिए भाजपा द्वारा समितियां बनाई गई है| संचालन समिति में सिंधिया को भी जगह दी गई है। उनका नाम छठे नंबर पर है| इस लिस्ट के बहाने मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा ​और सिंधिया दोनों पर निशाना साधा है।

दरअसल, 24 विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की नियुक्ति के बाद बीजेपी ने संचालन समिति और प्रबंध समिति की घोषणा की है। संचालन समिति में 22 कद्दावर नेताओं को शामिल किया गए हैं, प्रबंध समिति में प्रदेश के 18 नेता हैं। संचालन समित में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित 22 सदस्यों को शामिल किया गया है| लिस्ट में छटे नंबर पर सिंधिया का नाम है, वहीं दोनों समितियों में किसी सिंधिया समर्थक का नाम नहीं है| इसको लेकर कांग्रेस ने सिंधिया पर निशाना साधा है|

कांग्रेस का तंज, इतना सम्मान हजम कैसे हो रहा
एमपी कांग्रेस ने तंज कसते हुए ट्वीट किया है कि ‘अपमान करना बीजेपी की आदत, सहन करना सिंधिया जी की जरूरत। बीजेपी की चुनाव समिति में सिंधिया जी को छठे नंबर पर जगह मिली है। कहां तो कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के बगल में स्थान और कहा प्रदेश स्तर पर भी इतने निचले क्रम में जगह..? आखिर इतना सम्मान हजम कैसे हो रहा है’

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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