कांग्रेस ने कमलनाथ सरकार के “राइट टू वाटर’’ को बताया ऐतिहासिक कदम

कांग्रेस ने कमलनाथ सरकार के “राइट टू वाटर’’ को बताया ऐतिहासिक कदम

भोपाल| कमलनाथ सरकार द्वारा प्रदेश कि जनता को शुद्ध और पर्याप्त पानी उपलब्ध करने के लिए लाये गए राइट टू वाटर कानून की मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग की अध्यक्षा शोभा ओझा तारीफ की है|साथ ही उन्होंने पूर्वर्ती भाजपा सरकार पर पानी को लेकर भी भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए हैं| उन्होंने कहा है कि पानी को सहेजने, भूजल स्त्रोतों को पुनर्जीवित एवं संरक्षित करने तथा पानी के दुरूपयोग को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर हुई गंभीर चर्चा से जहां जनता को स्वच्छ जल प्रदान करने के लिए कमलनाथ सरकार की प्रतिबद्धता सामने आई है| जबकि बलराम तालाबों और बुंदेलखंड पैकेज में हुए बडे़ भ्रष्टाचारों के मद्देनजर, इस मुद्दे पर पिछली शिवराज सरकार के अगंभीर रवैये के साथ ही, उसका भ्रष्टाचारी चेहरा और असली नीयत भी बहुत पहले ही उजागर हो गई थी।

मंगलवार को मीडिया को जारी अपने बयान में शोभा ओझा ने कहा कि ‘‘राइट टू वाटर’’ योजना लागू करने के साथ ही मध्यप्रदेश ऐसा पहला और अकेला राज्य बन गया है, जिसने अपने नागरिकों के लिए पानी की न्यूनतम उपलब्धता का अधिकार सुनिश्चित किया है। इस योजना के लागू होने के बाद प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को न्यूनतम 55 लीटर स्वच्छ जल मिलने लगेगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित कमलनाथ सरकार के सराहनीय प्रयासों की प्रशंसा प्रख्यात जल विशेषज्ञ श्री राजेन्द्र सिंह जैसे लोगों द्वारा भी किया जाना इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार की गंभीरता का जीवंत प्रमाण है।
इस दौरान भाजपा पर हमला करते हुए शोभा ओझा ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के द्वारा प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में लागू की गई बलराम तालाब योजना जहां पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई, वहीं केन्द्र सरकार के द्वारा बुंदेलखंड पैकेज के नाम पर दिये गए मध्यप्रदेश के हिस्से के 3860 करोड़ रूपये की जिस तरह से सरकारी संरक्षण में बंदरबांट की गई, उसी का यह परिणाम है कि बुंदेलखंड की पानी की समस्या आज तक हल नहीं हो पाई है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews