कांग्रेस ने विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयान का खंडन किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि ‘फूलसिंह बरैया जी का जो बयान सामने आया है, वह उनका व्यक्तिगत विचार है। कांग्रेस पार्टी इस प्रकार के बयान से इत्तेफाक नहीं रखती है।’ इसी के साथ पार्टी ने इस संदर्भ में उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा है।
वहीं, कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने भी फूल सिंह बरैया के विवादित बयान का खंडन करते हुए उन्हें उनका ‘निजी विचार’ बताया है। उन्होंने ‘रुद्रयामल तंत्र’ ग्रंथ के उद्धरण से दिए गए बयान का तथ्यात्मक खंडन करते हुए कहा है कि प्राचीन धार्मिक ग्रंथों की संकीर्ण और भ्रामक व्याख्या सामाजिक एकता के लिए घातक है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि बिना गहन अध्ययन के किए गए बयान समाज में अविश्वास और विभाजन की भावना को जन्म दे सकते हैं, जो राष्ट्रीय सौहार्द के खिलाफ है।
जीतू पटवारी ने फूल सिंह बरैया के बयान को बताया उनका निजी विचार
दतिया जिले के भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयान ने प्रदेश की राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे महिलाओं और एससी-एसटी-ओबीसी समुदायों को जोड़ते हुए विवादास्पद टिप्पणी करते नज़र आ रहे हैं। इसे लेकर अब कांग्रेस ने अपना आधिकारिक बयान जारी कर दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि उनके बयान में जो भी कहा गया है वो पूरी तरह उनके निजी विचार है और कांग्रेस ऐसे विचारों का समर्थन नहीं करती है। उन्होंने कहा कि ‘जाति धर्म संप्रदाय से रेप को नहीं जोड़ा जा सकता है। जो भी रेप करता है वो अपराधी होता है।’
इसी के साथ उन्होंने NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में हर रोज़ 22 बलात्कार हो रहे हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस विषम परिस्थिति में समाज और हर नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि हम इस अराजकता को रोकने और प्रदेश को सुरक्षित बनाने के लिए आगे आएं।
मुकेश नायक ने भी जताई असहमति
इस बयान को लेकर उठे विवाद के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकेश नायक ने भी इसका खंडन किया है। उन्होंने कहा है कि सार्वजनिक मंचों से प्राचीन ग्रंथों की भ्रामक व्याख्या करना उचित नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह समाज के विभिन्न वर्गों के बीच अविश्वास पैदा करने वाला निरर्थक प्रयास है। रुद्रयामल तंत्र को भगवान शिव और शक्ति के संवाद के रूप में वर्णित करते हुए उन्होंने कहा कि यह ग्रंथ समाज के सभी वर्गों के लिए समान रूप से प्रासंगिक है और उसमें किसी विशिष्ट समूह के विरुद्ध कोई संदेश नहीं है। मुकेश नायक ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी सभी धर्मग्रंथों का सम्मान करती है और किसी भी नेता के ऐसे निजी विचारों का समर्थन नहीं करती जो बिना अध्ययन के धार्मिक आस्थाओं और गौरवशाली परंपराओं पर चोट करते हों। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील की है कि वे ग्रंथों के मर्म को समझें और किसी भी प्रकार के सांस्कृतिक भ्रम का शिकार न हों।





