मध्यप्रदेश में कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने मध्यप्रदेश ने मंत्री कुंवर विजय शाह की कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। विभाग ने केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार से विजय शाह को मंत्री पद से हटाने की मांग करते हुए कहा कि सेना के किसी अधिकारी का अपमान देश के सैनिकों और नागरिकों की भावनाओं का अपमान है।
विजय शाह की टिप्पणी पर जताया विरोध
उन्होंने कहा कि “हम भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि वे देशभक्ति की भावना का परिचय देते हुए भारतीय सेना के सम्मान के साथ मजबूती से खड़ी हों और दोषी व्यक्ति के विरुद्ध उचित कार्रवाई करें।” इसी के साथ उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर वो शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करेंगे।
भोपाल के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व सैनिक विभाग ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी ने सेना की प्रवक्ता के रूप में सैन्य कार्रवाई से जुड़ी जानकारी देशवासियों तक संयम और जिम्मेदारी के साथ पहुंचाई थी।
लेकिन पिछले साल महू के मानपुर में आयोजित जनसभा में विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को ‘आतंकवादियों की बहन’ कहकर संबोधित किया गया, जो सेना की महिला अधिकारी का अपमान है। बयान के बाद विवाद बढ़ा और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
आंदोलन की चेतावनी दी
पूर्व सैनिक विभाग ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद विजय शाह को मंत्रिमंडल में बनाए रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की सेना है और उसके अधिकारियों एवं जवानों के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने सरकार से विजय शाह के खिलाफ कानून के अनुरूप निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई करने तथा उन्हें पद से हटाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की तो पूर्व सैनिक भारतीय सेना की गरिमा और अपने सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरेंगे।






