मध्य प्रदेश में इन दिनों गेहूं खरीदी चल रही है, प्रदेश सरकार 2625 रुपये प्रति क्विंटल MSP पर गेहूं का उपार्जन कर रही है लेकिन इसमें घोटाले के आरोप लगने लगे हैं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने प्रदेश सरकार पर उत्तर प्रदेश के माफिया के साथ फर्जीवाड़ा करने के गंभीर आरोप लगाये हैं
मध्य प्रदेश में अभी तक1 लाख 30 हजार 655 किसानों से 57 लाख 13 हजार 640 क्विंटल गेहूँ उपार्जित किया जा चुका है और गेहूं खरीदने के बाद सरकार ने किसानों के बैंक खाते में 355 करोड़ 3 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। किसानों में गेहूं उपार्जन को लेकर उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगे अजा सकता है कि अभी तक 4 लाख 22 हजार 848 किसानों द्वारा 1 करोड़ 82 लाख 96 हजार 810 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। लेकिन कांग्रेस इससे नाखुश है।
खरीदी शुरू होने से पहले केंद्र पर गेहूं मौजूद होने का आरोप
पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने गेहूं खरीदी के मुद्दे पर सरकार और पूरे सिस्टम पर निशाना साधा है, मीडिया से बात करते हुए डॉ गोविंद सिंह ने घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है, कांग्रेस नेता ने कहा कि उत्तरप्रदेश के माफ़िया के साथ मिलकर लूट की जा रही है, उन्होंने कहा भिंड के लहार में 4 से 5 हजार क्विंटल गेहूं खरीदी शुरू होने से पहले केंद्र पर मौजूद था।
5 लाख रुपये लेकर खरीदी केंद्र बनाने का गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का 2100 रुपये क्विंटल का गेहूं फर्जीवाड़ा कर 2625 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी पर खरीदा जा रहा है, उन्होंने कहा कि खाद्य अधिकारी के साथ मिलकर बड़े स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है, डॉ गोविंद सिंह ने कहा 5 लाख रुपये रिश्वत लेकर उपार्जन केंद्र बनाये गए हैं, जहाँ रास्ता ही नहीं है वहां भी खरीदी केंद्र बना दिए गए हैं।
उपार्जन केंद्रों पर पहले से बारदाना मौजूद रहने का आरोप
डॉ गोविंद सिंह ने भाजपा नेताओं पर सांठ गांठ कर घोटाला करने का आरोप लगाया उन्होंने कहा उपार्जन केंद्रों पर पहले से बारदाना पहुंचा दिया गया और गेहूं की खरीदी भी हो गई उधर किसान स्लॉट की बुकिंग नहीं कर पा रहा है और सरकार बड़ी बड़ी बातें कर रही है।






