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भोपाल गौमांस मामला : कांग्रेस ने नगर निगम का घेराव कर की बुलडोजर चलाने की मांग, सरकार पर संरक्षण का आरोप

Written by:Banshika Sharma
Published:
भोपाल में 26 टन गौमांस पकड़े जाने के विरोध में कांग्रेस ने शुक्रवार को नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। पार्टी ने भाजपा सरकार पर तस्करों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए दोषियों के ठिकानों पर तत्काल बुलडोजर चलाने की मांग की है।
भोपाल गौमांस मामला : कांग्रेस ने नगर निगम का घेराव कर की बुलडोजर चलाने की मांग, सरकार पर संरक्षण का आरोप

राजधानी भोपाल में 26 टन गौमांस जब्त होने के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। इस घटना के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए माता मंदिर चौराहे पर स्थित नगर निगम कार्यालय का घेराव किया और जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व मध्यप्रदेश कांग्रेस के महासचिव अमित शर्मा ने किया।

कांग्रेस ने इस मामले में सीधे तौर पर भाजपा सरकार पर गौमांस तस्करों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस कार्यकर्ता खुद बुलडोजर चलाने को मजबूर होंगे।

भाजपा सरकार पर मिलीभगत का आरोप

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “कथित हिन्दू हृदय सम्राटों की भाजपा सरकार में राजधानी से 26 टन गौमांस का पकड़ा जाना बेहद शर्मनाक है। यह सरकार की कथनी और करनी के खोखलेपन को उजागर करता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग धर्म और आस्था की बातें करते नहीं थकते, वे आज इस गंभीर मुद्दे पर चुप हैं।

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि आखिर किसके संरक्षण में इतने बड़े पैमाने पर गौमांस की तस्करी हो रही थी और जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

बुलडोजर कार्रवाई की मांग

कांग्रेस ने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि जिस स्थान से 26 टन गौमांस जब्त किया गया है, वहां तत्काल बुलडोजर चलाया जाए। अमित शर्मा ने कहा, “यदि सरकार अपने दावों पर खरी नहीं उतरती, तो जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता खुद बुलडोजर चलाने को बाध्य होंगे।”

पार्टी ने यह भी याद दिलाया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी पुलिस मुख्यालय के सामने से गौमांस से भरा ट्रक पकड़ा जा चुका है।

सरकार को दी चेतावनी

कांग्रेस ने इस घेराव को सरकार के लिए एक चेतावनी बताया है। शर्मा ने कहा, “हमें धर्म के नाम पर राजनीति नहीं, कानून का राज चाहिए। संरक्षण नहीं, सख्त कार्रवाई चाहिए।” उन्होंने कहा कि यदि सरकार अब भी सोती रही, तो आने वाले दिनों में जनआक्रोश और तीव्र होगा। यह लड़ाई आस्था की नहीं, बल्कि कानून, जवाबदेही और सच्चाई की है।