उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मंत्रियों के “परफॉर्मेंस रिव्यू” पर सवाल उठाते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अपराध के आंकड़ों को लेकर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि सरकार मंत्रियों से 15-15 मिनट की प्रेजेंटेशन और उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड मांग रही है, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने गृह विभाग की जवाबदेही कब तय करेंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार, महिलाओं के खिलाफ अपराध, दलित उत्पीड़न और माफिया गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में “जमीन पर काम कम और कैमरों के सामने प्रेजेंटेशन ज्यादा” हो रहे हैं, जबकि जनता जवाब चाहती है।
कांग्रेस ने एमपी सरकार के “परफॉर्मेंस रिव्यू” पर उठाए सवाल
प्रदेश सरकार ने हाल ही में मंत्रियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा शुरू की है जिसमें विभागीय उपलब्धियों, योजनाओं के क्रियान्वयन और लक्ष्य आधारित प्रदर्शन का प्रस्तुतीकरण कराया जाना है। सरकार के अनुसार इससे प्रशासनिक जवाबदेही और योजनाओं की मॉनिटरिंग बेहतर होगी। हालांकि कांग्रेस इसे “इवेंट मैनेजमेंट” करार दे रही है।
मध्यप्रदेश सरकार के मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिव्यू पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हर मंत्री 15 मिनट का प्रेजेंटेशन देकर अपनी उपलब्धियां बताएगा, लेकिन जनता पूछ रही है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने गृह विभाग का रिपोर्ट कार्ड कब और किसके सामने पेश करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार के मामलों में मध्य प्रदेश देश में सबसे आगे है। महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, दलित न्याय के लिए भटक रहे हैं, माफिया खुलेआम सक्रिय हैं, किसान परेशान हैं और युवा असुरक्षित महसूस कर रहा है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या इन मुद्दों पर भी कोई स्लाइड बनेगी।
उमंग सिंघार ने की जवाबदेही की मांग
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में अब जमीन पर काम कम और कैमरों के सामने प्रेजेंटेशन ज्यादा हो गए हैं लेकिन जनता भाषण, स्लाइड और इवेंट नहीं बल्कि जवाबदेही चाहती है। बता दें कि एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट में मध्यप्रदेश आदिवासियों पर अत्याचार के मामलों में देश में पहले स्थान पर है। दलितों और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में भी प्रदेश ऊपरी राज्यों में शामिल है। इन आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध भी लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं।






