मध्यप्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद राजपूत के एक बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने लोगों से मतदाता सूची पुनरीक्षण में नाम जुड़वाने का अनुरोध करते हुए कहा कि जो लोग इसमें नाम नहीं जुड़वाएंगे उन्हें राशन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य सुविधाएं मिलना बंद हो जाएंगी। इसके बाद अब कमलनाथ ने बीजेपी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि SIR को लेकर भारतीय जनता पार्टी के असली इरादे अब सामने आ गए हैं। मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जनता को सीधी धमकी दी है और उनके बयान से स्पष्ट है कि पहले भाजपा लोगों का राशन बंद करेगी। उसके बाद मुफ्त इलाज, किसानों को खाद, महिलाओं को मिलने वाली लाड़ली बहना का पैसा, छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति और दूसरी सभी सुविधाएं जो एक नागरिक को मिलनी चाहिए, वो भाजपा छीनना चाहती है।
SIR पर गोविंद राजपूत के बयान को लेकर कमलनाथ ने बीजेपी को घेरा
गोविंद सिंह राजपूत के SIR पर दिए बयान से बाद कांग्रेस उनपर हमलावर है। उन्होंने कहा था कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाना अनिवार्य है वरना राशन, आधार कार्ड और अन्य सरकारी सुविधाएं बंद हो सकती हैं। इसके बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस बयान को “जनता को खुली धमकी” करार देते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि “आज यह राशन पानी ख़त्म करने की बात कर रहे हैं और जल्द ही यह आरक्षण ख़त्म करने की बात भी करने लगेंगे।”
कहा ‘बीजेपी कर रही है नागरिकों के अधिकार छीनने की कोशिश’
कमलनाथ ने कहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुरू से ही SIR को लेकर देश की जनता को आगाह कर रहे हैं। अब बीजेपी के मंत्री के बयान से बात बिलकुल साफ हो गई है कि भाजपा के इरादे नेक नहीं है। उन्होंने कहा कि “बीजेपी एक तरफ़ वोटचोरी के ज़रिए अपनी सरकार बनाना चाहती है तो दूसरी तरफ भारतीय नागरिकों के अधिकार छीनना चाहती है।” उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया और कहा कि ये जनता को एक बार फिर से गुलाम बनाने की कोशिश है। कमलनाथ ने सभी विपक्षी दलों और जनता से आह्वान किया कि कांग्रेस पार्टी के साथ ही अन्य सभी दलों और देश की जनता को इसके खिलाफ एकजुट होकर विरोध करना चाहिए।






