भोपाल में एनएसयूआई ने एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षाओं में सामने आ रही कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के विरोध में आंदोलन करने का ऐलान किया है। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ 30 मई को भोपाल पहुंचेंगे और छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।
उन्होंने कहा कि शनिवार शाम 4 बजे भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा जिसमें प्रदेशभर से 5 से 7 हजार छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें लगभग 1000 विद्यार्थी ऐसे होंगे जो नीट परीक्षा से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
NSUI का आंदोलन
एनटीए की परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने आंदोलन का ऐलान किया है। भोपाल में शनिवार को इसके खिलाफ सीएम हाउस का घेराव किया जाएगा। आशुतोष चौकसे ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा घोटालों से छात्र मानसिक तनाव झेल रहे हैं। नीट परीक्षा इस बार भी पूरी तरह से विवादों में घिर गई है। पेपर लीक, ग्रेस मार्किंग विवाद और अनियमितताओं के कारण लाखों मेधावी छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। नीट की तैयारी करने वाले छात्र साल भर रात-दिन मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ माफिया और लुटेरे पैसे के लालच में उनका सपना चूर-चूर कर देते हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री विद्यार्थियों से “परीक्षा पर चर्चा” कर तनाव कम करने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर परीक्षा प्रणाली में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।
ये हैं प्रमुख मांगें
एनएसयूआई की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनावों की बहाली और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विखंडन को रोकना शामिल है। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा है कि देश का युवा अब जवाब मांग रहा है और “छात्र मेहनत करें और माफिया पेपर बेचें” जैसी व्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा है कि एनएसयूआई छात्रों की आवाज मजबूती से उठाती रहेगी और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।






