कोरोना का बढ़ता कहर: 614 हुए पॉजिटिव केस, अब तक 50 लोगों की मौत

कोरोना का बढ़ता कहर: 614 हुए पॉजिटिव केस, अब तक 50 लोगों की मौत

भोपाल| मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं| इसकी रोकथाम की तमाम कोशिशों के बावजूद रोजाना नए मामले सामने आ रहे हैं| सोमवार को प्रदेश में संक्रमितों का आंकड़ा 614 पहुँच गया है| वहीं अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है|

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं मध्य प्रदेश की और से शाम चार बजे के जारी बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश में 614 पॉजिटिव मरीज हो गए हैं| इंदौर में संक्रमित मरीजों की संख्या 328 हो गई है। वहीं, मौत का आंकड़ा 35 पहुँच गया। उज्जैन में 24 पॉजिटिव हो गए हैं वहीं अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है| सोमवार को उज्जैन में एक साथ 7 नए मामले सामने आए।

उज्जैन, इंदौर, रायसेन में बढे मामले
सोमवार को उज्जैन, इंदौर, रायसेन में संक्रमितों की संख्या बढ़ी है| वहीं श्योपुर में एक और कोरोना पॉजीटिव मरीज मिला है। इसके साथ ही यहां कोरोना संक्रमितों की संख्या तीन हो गई है। ग्वालियर में 85 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। मुरैना में डॉक्टरों व नर्सों सहित 36 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। दतिया में इंदरगढ़ अस्पताल में पदस्थ कंपाउंडर की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

रायसेन में तीन पॉजिटिव
रायसेन जिले में सोमवार को एक साथ तीन नए पॉजिटिव केस MILE हैं| इससे पहले वार्ड नंबर 6 में एक मरीज मिला था। अब जिले में मरीजों की संख्या 4 हो गई है। सोमवार को जिन 3 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है उनमें से एक आष्टा से तो दूसरा सोहागपुर से आया था, तीसरा व्यक्ति पहले संक्रमित व्यक्ति के वार्ड में ही रहता है। हालांकि आष्टा और सोहागपुर से लौटे दोनों मरीज रायसेन के ही रहने वाले हैं। प्रशासन को इनके दूसरे शहर से आने की जानकारी मिलने के बाद इन्हें दरगाह में बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया था।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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