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दतिया उपचुनाव: कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को बनाया प्रत्याशी, बीजेपी के आशुतोष तिवारी से होगा मुकाबला, 30 जुलाई को वोटिंग

मध्य प्रदेश की हाईप्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने आशुतोष तिवारी और कांग्रेस ने घनश्याम सिंह पर दांव खेला है। यह मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर वाला माना जा रहा है।
Datia Assembly By-Election

Datia Assembly By-Election

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है। बता दें कि कांग्रेस के तत्कालीन विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद यह उपचुनाव कराया जा रहा है।

बता दें कि 30 जुलाई को दतिया उपचुनाव के लिए मतदान होना है। नामांकन की आखिरी तारीख 13 जुलाई है। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 16 जुलाई है। मतगणना 3 अगस्त 2026 को होगी।

कौन है घनश्याम सिंह

  • घनश्याम सिंह का ताल्लुक दतिया राजघराने से हैं।
  • 72 वर्षीय घनश्याम सिंह दतिया के सियासी गलियारों में एक बेहद स्थापित नाम हैं।
    उनका ग्रामीण क्षेत्रों की जनता के बीच उनका पुराना और गहरा व्यक्तिगत प्रभाव है।
  • ग्वालियर-चंबल अंचल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में उनकी गिनती की जाती है।
  • वे दतिया से दो बार और सेवढ़ा से एक बार विधायक रह चुके हैं।
  • वर्ष 1993 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार दतिया विधानसभा चुनाव जीतकर भाजपा के शंभु तिवारी को हराया था
  • 1998 में कांग्रेस ने उनका टिकट काटकर चंदन सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वे हार गए।
  • 2003 में कांग्रेस ने दतिया से फिर घनश्याम सिंह को टिकट दिया और वे अवधेश नायक को हराकर विधानसभा पहुंचे।
  • 2008 के चुनाव में वे बीजेपी के डॉ. नरोत्तम मिश्रा से हार गए।
  • 2013 कांग्रेस ने उन्हें सेवढ़ा विधानसभा से मैदान में उतारा, लेकिन वे बीजेपी के प्रदीप अग्रवाल से हार गए।
  • 2018 में फिर सिंह ने बीजेपी के राधेलाल बघेल को हराकर जीत दर्ज की ।
  • 2023 के विधानसभा चुनाव में सेवढ़ा से भाजपा प्रत्याशी प्रदीप अग्रवाल से हार गए।
  • अब एक बार फिर 18 साल बाद घनश्याम सिंह दतिया से चुनावी मैदान में उतरे हैं।
  • घनश्याम सिंह के पिता महाराज कृष्ण सिंह जू देव भी साल 1984 में कांग्रेस के टिकट पर भिंड-दतिया से लोकसभा के लिए चुने गए थे।

कौन है आशुतोष तिवारी

  • आशुतोष तिवारी दतिया जिले के रहने वाले हैं। वे जमीनी पकड़ वाले नेता माने जाते हैं।
  • आशुतोष तिवारी लंबे समय से संघ व संगठन में सक्रिय रहे हैं।
  • पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के करीबी माने जाते हैं।
  • छात्र जीवन से ही संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे है।
  • बीजेपी के संभागीय संगठन मंत्री रहे हैं
  • वर्तमान में भाजपा के प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी हैं।
  • साल 2020 से 2023 के बीच वे एमपी हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं। उनके पास केबिनेट मंत्री का दर्जा था।

बीजेपी संगठन ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को दतिया उपचुनाव का मुख्य चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। वे बूथ प्रबंधन, चुनावी रणनीति और सघन जनसंपर्क की कमान संभालेंगे। उपचुनाव में सिंधिया की एंट्री की बाद चुनाव और दिलचस्प हो गया है। सिंधिया के लिए कांग्रेस के गढ़ में अब कमल खिलाना प्रतिष्ठा की लड़ाई और बड़ी चुनौती माना जा रहा है। ​यह उपचुनाव कांग्रेस-बीजेपी की दतिया की राजनीति की नई दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

Pooja Khodani
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