मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह घने कोहरे का व्यापक असर देखने को मिला। घने कोहरे के कारण राजा भोज एयरपोर्ट पर दृश्यता (विज़िबिलिटी) घटकर मात्र 100 मीटर रह गई, जबकि रनवे विज़ुअल रेंज (RVR) 150 से 250 मीटर के बीच दर्ज की गई। यह स्थिति एयरपोर्ट के निर्धारित ऑपरेशनल मिनिमा से कम थी, जिसके चलते कुछ समय के लिए उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।

टेकऑफ और लैंडिंग दोनों ही सुरक्षित नहीं माने गए
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, कम दृश्यता की वजह से टेकऑफ और लैंडिंग दोनों ही सुरक्षित नहीं माने गए, इसलिए एहतियातन उड़ानों को होल्ड पर रखा गया। कई घरेलू उड़ानों के प्रस्थान और आगमन में देरी हुई, जबकि कुछ फ्लाइट्स को परिस्थितियां सामान्य होने तक रोक दिया गया। यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा, हालांकि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

(IMD)और (ATC) के बीच में बना समन्वय
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और संबंधित एयरलाइंस के बीच निरंतर और प्रभावी समन्वय बना रहा। IMD द्वारा समय-समय पर मौसम संबंधी अपडेट साझा किए गए, जिसके आधार पर ATC ने उड़ान संचालन से जुड़े निर्णय लिए। एयरलाइंस ने भी यात्रियों को स्थिति की जानकारी देने और वैकल्पिक व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
अधिकारियों की यात्रियों से अपील
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि जैसे ही मौसम में सुधार हुआ और दृश्यता ऑपरेशनल मिनिमा के अनुरूप आई, उड़ान संचालन को धीरे-धीरे फिर से शुरू कर दिया गया। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की कि सर्दियों के मौसम में कोहरे की संभावना को देखते हुए यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
3,182 यात्रियों को लेकर 22 फ्लाइट्स ऑपरेट
उल्लेखनीय है कि उत्तर और मध्य भारत में इस समय सर्दी के मौसम के दौरान घना कोहरा एक सामान्य मौसमी घटना बन चुका है, जिसका असर हवाई, रेल और सड़क यातायात पर पड़ रहा है। भोपाल एयरपोर्ट पर भी भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत सभी एजेंसियां सतर्कता के साथ कार्य कर रही हैं। खराब मौसम की वजह से इंडिगो एयरलाइन ने पुणे-भोपाल-पुणे की एक फ्लाइट कैंसिल कर दी। सभी ऑपरेशन तय प्रोसीजर के हिसाब से सुरक्षित रूप से किए जा रहे हैं। शाम 4:00 बजे तक भोपाल एयरपोर्ट पर 3,182 यात्रियों को लेकर 22 फ्लाइट्स ऑपरेट की गईं।
भोपाल से रवि कुमार की रिपोर्ट





