मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों पर लिए जा रहे कड़े एक्शन के बाद भी शासकीय सेवक घूसखोरी की आदत से बाज नहीं आ रहे हैं, ऐसे ही एक भ्रष्ट अधिकारी को लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने अपने ड्राइवर एक माध्यम से डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
लोकायुक्त पुलिस सागर एसपी योगेश्वर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि राजघाट रोड सागर पर रहने वाले शैलश कुमार नामक व्यक्ति ने उनके कार्यालय में एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें उन्होंने बताया था कि वो पीएचई विभाग सागर में शासकीय ठेकेदार हैं, आवेदन में शैलश कुमार ने विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।
कार्यपालन यंत्री ने ठेकेदार से मांगी रिश्वत
ठेकेदार शैलश कुमार ने आवेदन में बताया कि सागर जिले में 2022 से जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य किया जा रहा है ,इस मिशन के तहत जो कार्य अधूरे रह गए थे उन्हें शासन द्वारा पुनरीक्षित किया गया था । उक्त अधूरे कार्य को पूर्ण किए जाने हेतु कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सागर द्वारा ठेकेदारों से सहमति मांगी गई थी। आवेदक द्वारा सहमति दिए जाने के बाद उसके द्वारा बिल आफ क्वांटिटी (बुक) की राशि 2 करोड़ 16 लाख 52000 रुपये के पांच प्रतिशत की राशि एफडीआर के माध्यम से शासन को जमा कर दिया गया।
बिल भुगतान के बदले मांगी 6 लाख रुपये की घूस
आवेदक ने बताया कि पुनरीक्षित कार्यों के कार्य आदेश जारी करने एवं पुराने बिलों के भुगतान के एवज में प्रभारी कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड सागर संतोषी लाल बाथम द्वारा रिश्वत में साढ़े तीन परसेंट राशि लगभग 6,00,000 (6 लाख) रुपये रिश्वत की मांग की गई थी जिसकी शिकायत आवेदक द्वारा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर के समक्ष की गई।
डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेते दबोचा प्रभारी कार्यपालन यंत्री
पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त ने शिकायत का सत्यापन कराया। शिकायत सत्यापन में रिश्वत लेने की बात सही पाई गई, कार्यपालन यंत्री ने ठेकेदार से प्रथम क़िस्त डेढ़ लाख रुपये की मांग की, जिसके बाद आज 7 जनवरी को ट्रैप प्लान की गई और प्रभारी कार्यपालन यंत्री संतोषी लाल बाथम को स्वयं के वाहन चालक फूल सिंह यादव के माध्यम से प्रथम किश्त के रूप में 1,50,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया।







