भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। भारतीय पुलिस सेवा (Indian Police Service) के 1984 बैच के वरिष्ठ अधिकारी (IAS) और मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की DGP विवेक जौहरी (Vivek Johri) के एक फरमान से पुलिसकर्मियों (Policeman) में हड़कंप मच गया है। इस आदेश में कहा गया है कि 45 दिन में एक साल से अधिक समय से लंबित विभागीय जांच प्रकरणों का निपटारा करें । इसके बाद भी कोई प्रकरण लंबित रहा जाता है तो संबंधित जांचकर्ता अधिकारी और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी का स्पष्टीकरण लिया जाएगा और फिर उनके विरुद्ध जोन महानिरीक्षक कार्रवाई तय करें।
दरअसल, डीजीपी (MP DGP) ने विभाग के कामों की समीक्षा में पाया गया कि एक अक्टूबर (October) की स्थिति में पुलिस विभाग में 1256 विभागीय जाँच लंबित है, जिनमें से 584 विभागीय जाँच एक वर्ष से अधिक की अवधि से लंबित हैं, जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया है। सभी विशेष पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, उप पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस इकाइयों के लिए यह आदेश जारी किया गया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि प्रथम चरण में एक नवंबर 2020 की स्थिति में एक वर्ष से अधिक अवधि से लंबित विभागीय जाँचों को आगामी 45 दिवस के अंदर निपटाने के लिए जारी आदेश अनुसार विभागीय जाँच में सम्मिलित पुलिस शासकीय सेवक (Police officer) यदि अन्य जिले/इकाई में स्थानांतरण पर या अन्य कारणों से पदस्थ हैं, तो इकाई प्रमुख ऐसे पुलिस शासकीय सेवक को विभागीय जाँचकर्ता कार्यालय के लिये तुरंत रवानगी देगें। इसकी सूचना पुलिस मुख्यालय को आवश्यक रूप से दी जाएगी। साथ ही राजपत्रित अपचारी अधिकारियों के रवानगी आदेश/रो. सा. की प्रति ईमेल [email protected] पर एवं अराजपत्रित अपचारी अधिकारी/कर्मचारियों के रवानगी आदेश/रो.सा. की प्रति ईमेल [email protected] पर प्रेषित की जाएगी।






