इस बात के लिए दिग्विजय ने किया पीएम मोदी का धन्यवाद

इस बात के लिए दिग्विजय ने किया पीएम मोदी का धन्यवाद

भोपाल| राजनीती में अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले करने वाले प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने उनका धन्यवाद किया है| उन्होंने ट्वीट कर कहा मोदी जी ने पहली बार दिहाड़ी मज़दूरों के बारे में चिंता व्यक्त की। उन्हें धन्यवाद।

मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को सम्बोधित करते हुए कहा जो रोज कमाते हैं, रोज की कमाई से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं, वो मेरा परिवार हैं। मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक, इनके जीवन में आई मुश्किल को कम करना है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से सरकार ने उनकी मदद करने का हर संभव प्रयास किया है। पीएम के सम्बोधन के बाद दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है|

पूर्व सीएम ने ट्वीट कर लिखा- ‘मोदी जी ने पहली बार दिहाड़ी मज़दूरों के बारे में चिंता व्यक्त की। उन्हें धन्यवाद। मोदी जी आपकी सरकार ने जो राहत पेकेज दिया है विशेष कर मुफ़्त अनाज वितरण का उसे शीघ्र पालन करवायें। उसके वितरण में राशन कॉर्ड की बाध्यता ना हो। लॉकडाउन में उन्हें मज़दूरी कहॉं से मिलेगी?’

गरीब परिवार के खाते में 6000 रुपए जमा करें
एक अन्य ट्वीट में दिग्विजय ने पीएम मोदी को सुझाव दिया है| उन्होंने लिखा -‘मोदी जी को नोबेल प्राइज़ विजेता, अभिजीत बेनर्जी के सुझाव पर २०१९ कॉंग्रेस के घोषणा पत्र में ग़रीबों के लिये सुझाई गयी “न्याय” योजना पर विचार करना चाहिये। प्रति माह हर गरीब परिवार के खाते में ₹6000 जमा किये जायें’।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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