मध्यप्रदेश में सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी की प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पिछले बारह सालों से सोयाबीन के भाव नहीं बढ़े हैं और किसान परेशान हैं। इसी के साथ तंज करते हुए उन्होंने कहा कि क्या केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान या ज्योतिरादित्य सिंधिया किसानों के हित में सड़क पर उतरेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा किएमपी में सोयाबीन की खरीदी के आदेश अब तक जारी नहीं किए गए हैं, जबकि गुजरात और महाराष्ट्र में ये आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, क्योंकि व्यापारी उन्हें कम कीमत पर सोयाबीन खरीद रहे हैं।

एमएसपी पर सोयाबीन खरीद में देरी से किसान परेशान

मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य है। लेकिन यहां अभी तक 2025-26 खरीफ विपणन वर्ष के लिए सोयाबीन की एमएसपी पर खरीद के आदेश जारी नहीं किए गए हैं। केंद्रीय सरकार ने इस साल में सोयाबीन के लिए 5328 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी तय किया है, लेकिन राज्य स्तर की तरह से खरीद प्रक्रिया का अपडेट नहीं होने से किसान परेशान हैं।

दिग्विजय सिंह ने सरकार को घेरा

इसे लेकर अब दिग्विजय सिंह ने सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि “एमपी जहां देश में सबसे अधिक सोयाबीन पैदा होता है, वहां अभी तक प्रदेश सरकार ने खरीद करने के आदेश नहीं दिए। जबकि गुजरात-महाराष्ट्र में खरीद के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पिछले लगभग 12 वर्षों से सोयाबीन के भाव नहीं बढ़े हैं। किसान की लागत बढ़ती जा रही है। क्या मुख्यमंत्री जी किसानों के हित में सोयाबीन की एमएसपी के साथ कुछ राशि बोनस देकर किसानों से सोयाबीन की खरीदी करेंगे? क्या शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में किसानों के हित में सड़कों पर उतरेंगे? वे न उतरें तो ज्योतिरादित्य सिंधिया जी को तो उतरना चाहिए।” इस तरह पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा है।