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अच्छी खबर, पंजीयन नहीं कर पाए 16 जिलों के धान उत्पादक किसानों को फिर मिलेगा मौका, 6 नवंबर तक होगा रजिस्ट्रेशन

Written by:Atul Saxena
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सरकार के इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी, जो अभी तक पंजीयन नहीं करा पाए थे। अब वे 6 नवंबर तक अपने नजदीकी पंजीयन केन्द्रों पर जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन करा सकते हैं।
अच्छी खबर, पंजीयन नहीं कर पाए 16 जिलों के धान उत्पादक किसानों को फिर मिलेगा मौका, 6 नवंबर तक होगा रजिस्ट्रेशन

MP Paddy Procurement

धान का पंजीयन कराने से चूक गए किसानों के लिए अच्छी खबर है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर सरकार ने फैसला लिया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए बचे हुए किसानों का पंजीयन अब 6 नवंबर तक हो सकेगा। बता दें सरकार ने धान उपार्जन के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर निर्धारित की थी।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के कई जिलों से यह सुझाव प्राप्त हुए थे कि तकनीकी कारणों, समयाभाव या मौसम की बाधाओं के चलते कुछ किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन नहीं करा पाए हैं। कलेक्टरों द्वारा भेजे गए इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करते हुए सरकार न पंजीयन की अवधि में विस्तार का निर्णय लिया है ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी खरीदी से वंचित न रह जाए।

इन 16 जिलों के किसानों को होगा लाभ

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस संबंध में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार डिण्डौरी, मण्डला, बालाघाट, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, दमोह, सिवनी, मैहर, उमरिया, जबलपुर, सीधी, अलीराजपुर, बैतूल और पन्ना जिलों में अब शेष किसानों का पंजीयन निर्धारित नोडल अधिकारियों की उपस्थिति में किया जाएगा।

पंजीयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी

खाद्य संचालनालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि, प्रत्येक पंजीयन केन्द्र पर खाद्य, सहकारिता, राजस्व एवं कृषि विभाग के नोडल अधिकारी की उपस्थिति में ही बचे हुए किसानों का पंजीयन किया जाएगा। केन्द्रवार केवल उन शेष किसानों का ही पंजीयन होगा, जिनके नाम जिला प्रस्ताव में उल्लेखित हैं। किसान पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद ही पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि 6 नवंबर तक शेष रहे किसानों का पंजीयन हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए।

सरकार की मंशा, “हर किसान को मिले उसका हक”

खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार किसानों के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोई भी किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने से वंचित न रह जाए, यह हमारा दायित्व है। इसीलिए पंजीयन अवधि बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खरीफ उपार्जन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा रहा है ताकि किसान को मंडियों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

“कोई भी किसान लाभ से वंचित न रहे”

खाद्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ यादव ने हमेशा किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा है। उनकी पहल पर प्रदेश में कृषि आधारित योजनाओं का विस्तार किया गया है। सिंचाई, बीज, खाद, बिजली और फसल बीमा जैसी योजनाओं से किसानों को लगातार राहत दी जा रही है। धान उपार्जन पंजीयन अवधि बढ़ाए जाने का यह निर्णय इसी दृष्टि का विस्तार है। यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य का कोई भी किसान समर्थन मूल्य का लाभ पाने से वंचित न रहे।

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Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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