अल्पसंख्यकों को विशेष आरक्षण दे सकती है सरकार, मंत्री ने दिए संकेत

अल्पसंख्यकों को विशेष आरक्षण दे सकती है सरकार, मंत्री ने दिए संकेत

भोपाल। मध्य प्रदेश (madhya pradesh) की सरकार (government) महाराष्ट्र (maharashtra) की तर्ज पर अल्पसंख्यकों (minortitys) को विशेष आरक्षण (special rejervation) देने की तैयारी में है। गौरतलब है कि शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार  के मंत्री नवाब मलिक ने शिक्षण संस्थानों (educational onstitutes) में अल्पसंख्यकों के लिए 5% आरक्षण की घोषणा की है। इसी बारे में सवाल पूछे जाने पर मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री हुकुम सिह कराङा (hukum singh karada)  ने कहा कि अल्पसंख्यकों के बारे में हमारा एजेंडा तैयारी में हैं और आप आगे चलकर देखेंगे कि कुछ दिनों में महाराष्ट्र से आगे बढ़कर रिलैक्सेशन मिलने वाला है। ज्यादा पूछे जाने पर मंत्री जी ने कहा कि मैं डिक्लेरेशन के लिए अधिकृत नहीं हूं लेकिन निश्चित रूप से महाराष्ट्र से आगे बढ़कर एक लिबरल मैसेज मध्यप्रदेश में मिलने वाला है ।हालांकि आरक्षण को लेकर अभी प्रदेश सरकार मुसीबत में है क्योंकि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 14 से 27 फ़ीसदी आरक्षण करने का सरकार का निर्णय हाई कोर्ट (high court) ने फिलहाल स्थगित कर दिया है और गरीबों को आरक्षण दिए जाने के मसले पर भी सरकार से जवाब मांगा है। ऐसी स्थिति में अल्पसंख्यकों के लिए यह कैसे लागू हो पाएगा, यह देखने वाली बात होगी।https://youtu.be/cbCbJGjAwUc

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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